Nepal Election 2026: Gen Z क्रांति के बाद नेपाल में पहली बार हो रहा जनरल इलेक्शन, क्या बदलेगी सत्ता की सूरत?

Nepal Election 2026: यह चुनाव नेपाल के इतिहास में बेहद खास है क्योंकि पिछले साल हुए युवाओं के आंदोलन में 77 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद ओली सरकार गिर गई थी। वर्तमान में सुशीला कार्की की अंतरिम सरकार देश की कमान संभाल रही है

अपडेटेड Mar 05, 2026 पर 8:38 AM
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चुनावी मैदान में उतरे 3,400 उम्मीदवारों में से 1,000 से अधिक उम्मीदवार 40 साल से कम उम्र के हैं, जो पुराने दिग्गजों को कड़ी चुनौती दे रहे हैं

Nepal Election: नेपाल में आज लोकतंत्र की एक नई परीक्षा शुरू हो गई है। साल 2025 में हुए 'Gen Z' के बड़े विरोध-प्रदर्शनों और केपी शर्मा ओली सरकार के गिरने के बाद, देश में आज पहले आम चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं। आज सुबह 7:00 बजे से मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। करीब 1.9 करोड़ रजिस्टर्ड मतदाताओं में से 8 लाख मतदाता पहली बार वोट डाल रहे हैं। चुनावी मैदान में उतरे 3,400 उम्मीदवारों में से 1,000 से अधिक उम्मीदवार 40 साल से कम उम्र के हैं, जो पुराने दिग्गजों को चुनौती दे रहे हैं।

यह चुनाव नेपाल के इतिहास में बेहद खास है क्योंकि पिछले साल हुए युवाओं के आंदोलन में 77 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद ओली सरकार गिर गई थी। वर्तमान में सुशीला कार्की की अंतरिम सरकार देश की कमान संभाल रही है।


कैसे चुने जाते है प्रतिनिधि?

नेपाल की संसद यानी प्रतिनिधि सभा के 275 सदस्यों को चुनने के लिए दो प्रणालियों का उपयोग किया जा रहा है।

फर्स्ट-पास्ट-द-पोस्ट (165 सीटें): जहां सबसे अधिक वोट पाने वाला उम्मीदवार सीधे जीतता है।

समानुपातिक प्रतिनिधित्व (110 सीटें): इसके तहत राजनीतिक दलों को उनके कुल वोट शेयर के आधार पर सीटें दी जाती हैं।

कब आएंगे नतीजे?

आज शाम 5:00 बजे तक मतदान चलेगा। इसके बाद मतपेटियां इकट्ठा होते ही गिनती का काम शुरू कर दिया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि समानुपातिक प्रणाली के कारण गिनती में समय लग सकता है। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत मिलना मुश्किल लग रहा है, जिससे गठबंधन सरकार बनाने की बातचीत में कई दिन लग सकते हैं।

पुराने दिग्गज बनाम नई लहर

नेपाल की राजनीति के 'बड़े खिलाड़ी' अपनी साख बचाने की कोशिश कर रहे हैं। नेपाली कांग्रेस के शेर बहादुर देउबा, सीपीएन-यूएमएल के केपी शर्मा ओली और माओवादी केंद्र के पुष्प कमल दहल (प्रचंड) पर सबकी नजरें टिकी हैं। सबसे बढ़ी चर्चा इस बात की है कि क्या जनता फिर से इन पुराने चेहरों को मौका देगी या नए युवा निर्दलीय उम्मीदवारों को सत्ता सौंपेगी?

आंदोलन के बाद के तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पूरे नेपाल में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। प्रशासन ने मतदाताओं से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है।

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