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क्या अली खामेनेई अपने बेटे मोजतबा को वारिस बनाने के खिलाफ थे? सामने आया चौंकाने वाला 'वसीयतनामा'

Ayatollah Ali Khamenei: रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई ने अपनी वसीयत में साफ लिखा था कि मोजतबा को उत्तराधिकारी न बनाया जाए। उनका मानना था कि उनके बेटे के पास ईरान जैसे देश को चलाने के लिए आवश्यक अनुभव और क्षमता नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोजतबा एक 'महत्वाकांक्षी लेकिन अनुभवहीन' क्लर्क हैं

Edited By: Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 11, 2026 पर 12:17 PM
क्या अली खामेनेई अपने बेटे मोजतबा को वारिस बनाने के खिलाफ थे? सामने आया चौंकाने वाला 'वसीयतनामा'
रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई ने अपनी वसीयत में स्पष्ट रूप से मोजतबा को इस पद से दूर रखने की बात कही थी

Mojtaba Khamenei: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी युद्ध के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के मारे गए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई खुद अपने बेटे मोजतबा खामेनेई को अपना उत्तराधिकारी बनाने के पक्ष में नहीं थे। 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की एक रिपोर्ट के अनुसार, खामेनेई ने अपनी वसीयत में स्पष्ट रूप से मोजतबा को इस पद से दूर रखने की बात कही थी।

खामेनेई की वसीयत और मोजतबा का विरोध

ईरान के विपक्षी समूह 'नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी' के रिसर्च डायरेक्टर खुसरो इसफहानी ने ईरानी खुफिया नेटवर्क के हवाले से बड़े दावे किए हैं। खामेनेई ने अपनी वसीयत में साफ लिखा था कि मोजतबा को उत्तराधिकारी न बनाया जाए। उनका मानना था कि उनके बेटे के पास ईरान जैसे देश को चलाने के लिए आवश्यक अनुभव और क्षमता नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोजतबा एक 'महत्वाकांक्षी लेकिन अनुभवहीन' क्लर्क हैं, जिन्होंने अपने पिता के नाम के अलावा राजनीति में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं की है।

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