Washington Post Layoffs: दिग्गज अमेरिकी अखबार 'द वॉशिंगटन पोस्ट' के पब्लिशर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) विल लुईस ने एक-तिहाई कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। लुईस ने शनिवार (7 फरवरी) को कहा कि वह अपने पद से हट रहे हैं। यह घोषणा आउटलेट द्वारा अपने एक-तिहाई स्टाफ को नौकरी से निकालने के तीन दिन बाद की गई है। लुईस ने पोस्ट के स्टाफ को एक ईमेल भेजा। इसमें कहा गया कि द वाशिंगटन पोस्ट के स्थायी भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए कठिन फैसले लिए गए हैं।
इस बीच, अखबार के अरबपति मालिक जेफ बेजोस के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। अपने इस्तीफे में विल लुईस ने लिखा, "सभी को द वाशिंगटन पोस्ट में दो साल के बदलाव के बाद अब मेरे लिए पद छोड़ने का सही समय है। मैं CEO और पब्लिशर के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान उनके सपोर्ट और लीडरशिप के लिए जेफ बेजोस को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस संस्थान को इससे बेहतर मालिक नहीं मिल सकता था।"
लेटर में उन्होंने आगे लिखा, "मेरे कार्यकाल के दौरान द पोस्ट के टिकाऊ भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए मुश्किल फैसले लिए गए हैं। ताकि यह आने वाले कई सालों तक हर दिन लाखों ग्राहकों को उच्च-गुणवत्ता वाली निष्पक्ष खबरें प्रकाशित कर सके।" खास बात यह है कि लुईस और अखबार के अरबपति मालिक जेफ बेजोस ने इस हफ्ते बड़े पैमाने पर छंटनी की घोषणा करने वाली स्टाफ मीटिंग में हिस्सा नहीं लिया था।
एक-तिहाई को नौकरी से हटाया
अमेरिका की मशहूर अखबार 'वाशिंगटन पोस्ट' ने बुधवार को अपने कर्मचारियों में से लगभग एक-तिहाई को नौकरी से हटा दिया। इससे न्यूजरूम को एक और बड़ा झटका लगा है। कंपनी की अंतरराष्ट्रीय कवरेज भी काफी कम हो गई है। कई पत्रकारों ने कहा कि इस कदम से दुनिया की खबरों की कवरेज कमजोर होगी। जबकि वैश्विक संकट लगातार बढ़ रहा है।
छंटनी का शिकार हुए वरिष्ठ विदेश मामलों के कॉलमिस्ट शशि थरूर के बेटे इशान थरूर ने सोशल मीडिया पर कहा, "आज मुझे वॉशिंगटन पोस्ट से निकाल दिया गया। साथ ही अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्टाफ और कई अन्य शानदार सहयोगी भी प्रभावित हुए। मैं हमारे न्यूजरूम और खासकर उन बेहतरीन पत्रकारों के लिए दुखी हूं, जिन्होंने पोस्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम किया।"
थरूर ने बताया कि उन्होंने जनवरी 2017 में वर्ल्डव्यू कॉलम शुरू किया था। ताकि पाठकों को दुनिया और अमेरिका की भूमिका को बेहतर समझने में मदद मिल सके। उन्होंने अपनी आभारी भावनाएं जताते हुए कहा कि उनके कॉलम को वर्षों में 5 लाख वफादार सब्सक्राइबर पढ़ते रहे। अंतरराष्ट्रीय कर्मचारियों की छंटनी का असर बहुत बड़ा है।
अन्य पत्रकारों ने भी निकाली भड़ास
वहीं, एवान ए. फैगेनबॉम ने बताया कि अखबार ने अपने एशिया एडिटर, न्यू दिल्ली ब्यूरो चीफ, सिडनी ब्यूरो चीफ, काहिरा ब्यूरो चीफ, पूरे मिडिल ईस्ट रिपोर्टिंग टीम, चीन, ईरान, तुर्की के रिपोर्टर और कई अन्य कर्मचारियों को हटा दिया।"
फैगेनबॉम ने कहा, "दुनिया हर मिनट अमेरिका-केंद्रित होने की बजाय और कम हो रही है, जबकि अमेरिका पहले से ज्यादा अमेरिका-केंद्रित होता जा रहा है। यह फैसला इस समय की स्थिति का एक उदास लेकिन सही प्रतिबिंब है।" कर्मचारियों को सूचित किया गया कि आज से घर रहें। कार्यकारी संपादक मैट मरे ने एक आंतरिक मेमो में कहा कि इन कदमों से लगभग सभी समाचार विभागों को प्रभावित करेगी। इसमें न्यूजरूम में बड़े पैमाने पर कटौती शामिल है।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कवरेज काफी कम हो जाएगी। हालांकि कुछ विदेशी ब्यूरो को रणनीतिक रूप से बनाए रखा जाएगा। छंटनी में मेट्रो डेस्क में बड़ी कटौती, स्पोर्ट्स सेक्शन का लगभग पूरी तरह बंद होना, बुक्स सेक्शन का बंद होना और डेडी पोस्ट रिपोर्ट्स पॉडकास्ट को रद्द करना शामिल है।
अखबार के मालिक जेफ बेजोस ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उन्होंने मैनेजमेंट को अखबार को लाभकारी बनाने के लिए कहा था, जिससे न्यूजरूम में आलोचना का सामना करना पड़ा। पूर्व कार्यकारी संपादक मार्टी बैरन ने कहा कि यह दुनिया के सबसे बड़े न्यूज संगठन में सबसे अंधेरे दिनों में से एक है।