कर्नाटक में अब जोमैटो (Zomato) और स्विगी (Swiggy) इत्यादि के ऑर्डर डिलीवरी करने वालों को 4 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर मिलेगा। इसे लेकर कर्नाटक सरकार ने राज्य के बजट में ही ऐलान कर दिया था और अब इसे नोटिफाई भी कर दिया गया है। 8 सितंबर की तारीख में जारी 'कर्नाटक स्टेट गिग वर्कर्स इंश्योरेंस स्कीम' को कर्नाटक स्टेट अनऑर्गेनाइज्ड वर्कर्स सोशल सिक्योरिटी बोर्ड के जरिए जारी किया जाएगा। कर्नाटक सरकार की योजना का फायदा फूड और ग्रॉसरी ऐप्स और कूरियर प्लेटफॉर्म में फुल टाइम और पार्ट टाइम, दोनों प्रकार के एंप्लॉयीज को मिलेगा। कर्नाटक में कितने गिग वर्कर्स हैं, इसे लेकर राज्य सरकार के पास फिलहाल कोई आंकड़ा तो नहीं है लेकिन नीति आयोग के 2020 के डेटा के मुकाबिक कर्नाटक में इनकी संख्या करीब 2.33 लाख है।
राज्य सरकार उठाएगी पूरा खर्च
नोटिफिकेशन के मुताबिक गिग वर्कर्स को 4 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर मिलेगा जिसमें से 2 लाख रुपये का लाईफ इंश्योरेंस और 2 लाख रुपये का एक्सिडेंशल इंश्योरेंस है। इस योजना से जुड़ा खर्च राज्य सरकार ही उठाएगी लेकिन अभी तक इसके लिए पैसा कहां से आएगा, इसे लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है। कर्नाटक सरकार ने हाल ही में राज्य के इनफॉर्मल और गिग वर्कर्स को सपोर्ट करने के लिए नई रजिस्टर्ड होने वाली गाड़ियों पक 5 फीसदी सेस लगाने का प्रस्ताव रखा था।
किसे और कितना मिलेगा फायदा
योजना के तहत हॉस्पिटल में 1 लाख रुपये का खर्च रीइंबर्स किया जाएगा। योजना का फायदा ड्यूटी पर हों या ड्यूटी के बाद, एक्सीडेंट पर मिलेगा लेकिन सिर्फ एक्टिव वर्कर्स को ही फायदा मिलेगा। फायदा लेने के लिए एक्सीडेंट या मौत के एक साल के भीतर आवेदन करना होगा। 18-60 वर्ष के ऐसे गिग वर्कर्स जो किसी भी टैक्स ब्रेकेट में नहीं आते हैं और PF/ESI बेनेफिट्स का फायदा नहीं ले रहे हैं तो वे इस इंश्योरेंस स्कीम के लिए योग्य हैं। हालांकि इसके लिए जरूरी है कि वे किसी ऑनलाइन फूड डिलीवरी या ई-कॉमर्स कंपनी में कम से कम एक साल तक गिग वर्कर के तौर पर जुड़े हों।
सरकारी आदेश के मुताबिक सरकार के ऑफिशियल वेब पोर्टल पर रजिस्टर्ड गिग वर्कर्स को इस पहल से फायदा मिलेगा। बेनेफिशयरीज के कानूनी उत्तराधिकारी और अविवाहित कामगारों के भाई-बहन को मुआवजा मिलेगा। इसके लिए उन्हें सेवा सिंधु पोर्टल के जरिए सीधे आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय ई-लेबर आईडेंटिटी कार्ड नंबर समेत जरूरी डॉक्यूमेंट्स दाखिल करने होंगे।
इस स्थिति में नहीं मिलेगा मुआवजा
नोटिफिकेशन के मुताबिक अगर गिग वर्कर्स की काम के दौरान शराब या नशीली दवाओं के चलते दुर्घटना या मौत होती है तो योजना का फायदा नहीं मिलेगा। इसके अलावा आत्महत्या, इरादतन नुकसान पहुंचाने या मानसिक अस्थिरता के चलते दुर्घटना की स्थिति में भी फायदा नहीं मिलेगा।