Zaggle Prepaid IPO: दो दिन में आधा भी नहीं भर पाया, एक्सपर्ट्स ने दी ये सलाह

Zaggle Prepaid IPO: जैगल प्रीपेड एक फिनटेक कंपनी है, जो स्पेंड मैनेजमेंट में कारोबार करती है। इसका आईपीओ 14 सितंबर को खुला था और अगले हफ्ते 18 सितंबर तक खुला रहेगा। इस आईपीओ को दो दिन में आधा फीसदी भी सब्सक्रिप्शन नहीं मिला। जानिए ग्रे मार्केट से क्या संकेत मिल रहे हैं और मार्केट एक्सपर्ट्स का इस आईपीओ को लेकर क्या रुझान है

अपडेटेड Sep 16, 2023 पर 9:54 AM
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Zaggle Prepaid IPO: जैगल प्रीपेड कंपनियों को फिनटेक और सॉफ्टवेयर-ऐज-अ-सर्विस (SaaS) प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। अब इसका आईपीओ खुला है।

Zaggle Prepaid IPO: खर्चों से जुड़े मैनेजमेंट की सर्विसेज मुहैया कराने वाली जैगल प्रीपेड (Zaggle Prepaid) को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस नहीं मिल पा रहा है। यह आईपीओ दो दिन में आधा भी नहीं भर पाया है और महज 44 फीसदी सब्सक्राइब हुआ है। सिर्फ खुदरा निवेशक इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं और उनके लिए आरक्षित हिस्से को 1.99 गुना बोली मिली है। खुदरा निवेशकों के लिए इश्यू का 10 फीसदी ही आरक्षित है। इस तरह समझ सकते हैं कि जैगल प्रीपेड ओशन सर्विसेज के आईपीओ को कितना फीका रिस्पांस मिला है। नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 30 फीसदी ही भर पाया है जबकि क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के हिस्से को कुछ खास बोली नहीं मिली है। पहले दिन यह इश्यू महज 20 फीसदी भरा था।

Anchor Investors का कैसा मिला था रिस्पांस

जैगल प्रीपेड के आईपीओ को एंकर निवेशकों का रिस्पांस अच्छा मिला था। इश्यू खुलने से पहले इसने 23 एंकर निवेशकों से इसने 253.52 करोड़ रुपये जुटाए थे। इसमें मॉर्गन स्टैनले एशिया (सिंगापुर), मैथ्यूज एशिया फंड्स, कोटक इक्विटी अपॉर्च्यूनिटीज फंड और एलआईसी म्यूचुअल फंड इत्यादि शामिल हैं। एंकर निवेशकों को 1,54,58,515 शेयर जारी हुए हैं और इसमें से 50 फीसदी शेयर 30 दिनों तक यानी 7 नवंबर 2023 तक लॉक्ड रहेंगे और बाकी शेयरों के लॉक-इन 90 दिन यानी 2 फरवरी 2024 का है।


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ग्रे मार्केट में कैसा है रिस्पांस

आईपीओ खुलने से पहले 13 सितंबर को जैगल प्रीपेड के शेयर 36 रुपये की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर थे और अगले ही दिन यानी इश्यू खुलने के दिन यह गिरकर 33 रुपये पर आ गया। आईपीओ सब्सक्रिप्शन के दूसरे दिन यानी 15 सितंबर को तो यह फिसलकर 16 रुपये पर आ गया यानी यह करीब 56 फीसदी कमजोर हो चुका है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फाइनेंशियल्स और फंडामेंटल्स के आधार पर निवेश का फैसला लेना चाहिए।

कंपनी की सेहत कैसी है

जैगल प्रीपेड एक फिनटेक कंपनी है, जो स्पेंड मैनेजमेंट में कारोबार करती है। मार्च 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने बैंकों के साथ साझेदारी में अब तक 5 करोड़ से अधिक प्रीपेड कार्ड जारी किए हैं और इसने करीब 22.7 लाख से अधिक यूजर्स को अपनी सेवाएं दी हैं। यह बैंकिंग एंड फाइनेंस, टेक्नोलॉजी, हेल्थकेयर, मैनुफैक्चरिंग, एफएमसीजी, इंफ्रा और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज की कंपनियों को फिनटेक और सॉफ्टवेयर-ऐज-अ-सर्विस (SaaS) प्रोडक्ट्स ऑफर करती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो पिछले वित्त वर्ष 2023 में इसे 22.90 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था और रेवेन्यू 554.58 करोड़ रुपये हासिल हुआ।

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एक्सपर्ट्स का क्या कहना है

ब्रोकरेज फर्म हेम सिक्योरिटीज ने इसमें लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी का नेटवर्क काफी मजबूत है। इसका बिजनेस मॉडल ऐसा है जिसमें कई स्रोत से रेवेन्यू आ रहा है और ग्राहक हासिल करने और उन्हें बनाए रखने में कंपनी की लागत कम है। इसके अलावा इसके ग्राहक कई सेक्टर्स से हैं। इन सब वजहों से ब्रोकरेज इस इश्यू को लेकर पॉजिटिव दिख रहा है।

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Zaggle Prepaid IPO की डिटेल्स

जैगल प्रीपेड के 563.38 करोड़ रुपये का आईपीओ 18 सितंबर तक खुला रहेगा। इस आईपीओ के लिए 156-164 रुपये का प्राइस बैंड और 90 शेयरों का लॉट फिक्स है। इश्यू का 75 फीसदी हिस्सा क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 10 फीसदी खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 22 सितंबर को फाइनल होगा और BSE, NSE पर 27 सितंबर को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार केफिन टेक है।

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आईपीओ के तहत 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले 392 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा प्रमोटर राज पी नारायणम और अविनाश रमेश गोदखिंडी और कॉरपोरेट एंटिटी जुजु सॉफ्टवेयर सर्विसेज 171.38 करोड़ रुपये के 1.04 करोड़ शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बिक्री करेंगे। अब नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो इसमें से 300 करोड़ रुपये का इस्तेमाल ग्राहकों को हासिल करने और उन्हें बनाए रखने पर होगा। करीब 40 करोड़ रुपये का इस्तेमाल प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी को विकसित करने पर किया जाएगा। इसके अलावा 17.08 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और बाकी राशि का इस्तेमाल आम कॉर्पोरेट उद्देश्यों में होगा।

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