मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र में मूंग की खेती अब किसानों के लिए कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली फसल बनकर उभर रही है। खासकर जनवरी के तीसरे सप्ताह से फरवरी के दूसरे सप्ताह तक अगेती मूंग की बुवाई करने पर किसान आसानी से दोगुना लाभ कमा सकते हैं। इस फसल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बहुत कम पानी लगता है और केवल 60–65 दिन में फसल तैयार हो जाती है। एकड़भर मूंग की खेती की लागत लगभग 12–15 हजार रुपये होती है, जबकि इससे लगभग 55 हजार रुपये तक की आमदनी प्राप्त की जा सकती है।
विंध्य क्षेत्र के किसानों के लिए यह फसल न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से लाभकारी है, बल्कि खेती में काम लगने वाला समय और मेहनत भी अपेक्षाकृत कम होती है। सही किस्म और उन्नत खेती तकनीक अपनाने पर किसानों की पैदावार और मुनाफा दोनों बढ़ सकते हैं।
इस फसल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें बहुत कम पानी लगता है और केवल 60 से 65 दिनों में फसल तैयार हो जाती है। प्रति एकड़ खेती की लागत लगभग 12–15 हजार रुपये है, जबकि इससे 55 हजार रुपये तक की आमदनी संभव है।
खेत की तैयारी और बुवाई का समय
किसान सलाहकार अविनाश पटेल के अनुसार, बेहतर पैदावार के लिए खेत की तैयारी बेहद जरूरी है।
अविनाश पटेल बताते हैं कि अधिक उत्पादन के लिए उन्नत किस्मों जैसे: SML-668, IPM 02-14, PDM 139 (बंसी गोल्ड) का चयन करें।
खरपतवार नियंत्रण और सिंचाई