Green chilli cultivation: बलिया का किसान बना मिसाल, हरी मिर्च की खेती से कमा रहा लाखों

Ballia Farmer Success Story: बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के किसान विनय कुमार साह ने हरी मिर्च की खेती में नया आयाम स्थापित किया है। वे लाखों रुपये कमा रहे हैं और फिलहाल एक बीघे में खेती कर रहे हैं। सही दाम मिलने पर एक बीघे से डेढ़ से दो लाख रुपये तक का मुनाफा संभव है। उनकी मिर्च बलिया, केवड़ा और सुरेमनपुर मंडियों में जाती है

अपडेटेड Jan 24, 2026 पर 12:04 PM
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green chilli cultivation: हरी मिर्च की बीज आसानी से किसी भी दुकान से मिल जाती है।

अगर आप किसान हैं और अपनी खेती से ज्यादा मुनाफा कमाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद प्रेरक साबित हो सकती है। उत्तर प्रदेश के कई प्रगतिशील किसान अब खेती को सिर्फ रोजगार का साधन नहीं बल्कि आय का बड़ा जरिया बना रहे हैं। बलिया जनपद के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के किसान विनय कुमार साह उनमें से एक हैं, जिन्होंने हरी मिर्च की खेती में अपनी मेहनत और नवीन तकनीकों से कमाल कर दिया है। विनय की खेती की खासियत यह है कि वे अपनी बीघा भर जमीन में हरी मिर्च उगाकर लाखों रुपये की कमाई कर रहे हैं। उनकी सफलता न केवल उनके परिवार की रोज़मर्रा की जरूरतें पूरी करती है, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गई है। विनय बताते हैं कि अगर हरी मिर्च की खेती सही तरीके से की जाए और बाजार में उचित मूल्य मिले, तो एक बीघे में डेढ़ से दो लाख रुपये तक का मुनाफा संभव है।

उनकी मेहनत और तकनीक का परिणाम देखकर अन्य किसान भी खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं और सही दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। यह कहानी साबित करती है कि सही योजना, मेहनत और तकनीक से खेती में भारी मुनाफा कमाया जा सकता है।

एक बीघे में कमाई का अंदाजा


विनय फिलहाल एक बीघा जमीन में हरी मिर्च की खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर खेती सही तरीके से की जाए और बाजार में अच्छा दाम मिले तो एक बीघे में डेढ़ से दो लाख रुपये तक का मुनाफा हो सकता है। बचपन से खेती में लगे विनय कहते हैं कि हरी मिर्च की बीज आसानी से किसी भी दुकान से मिल जाती है।

रोज़मर्रा की मेहनत और देखभाल

विनय अपने पौधों की रोज सुबह-शाम देखभाल करते हैं और जरूरत पड़ने पर किसान एक्सपर्ट्स से सलाह भी लेते हैं। मिर्च को ठंडी और पाले से बचाना जरूरी होता है। उनका उत्पादन बलिया मंडी, केवड़ा मंडी और सुरेमनपुर मंडी तक जाता है और इन मंडियों से मिर्च अन्य जिलों में भी सप्लाई होती है।

मुनाफे के लिए जरूरी टिप्स

हरी मिर्च की अच्छी पैदावार के लिए जैविक खाद (गोबर, वर्मीकम्पोस्ट) और रासायनिक खाद (NPK, यूरिया, DAP) का संतुलित इस्तेमाल करना जरूरी है। साथ ही, सूक्ष्म पोषक तत्व देने से जड़ें मजबूत होती हैं और बंपर पैदावार होती है।

प्रेरणा और सफलता

विनय की मेहनत सिर्फ उनके परिवार की रोजी-रोटी चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत भी बन गए हैं। उनकी मेहनत और सही तकनीक से खेती न केवल मुनाफे वाली बल्कि संतोषजनक भी बन गई है।

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