Get App

Agri News: भिंडी फसल को वायरस से बचाने के आसान उपाय, जानें कैसे करें सुरक्षित बुवाई

Agri News: शाहजहांपुर में किसान फरवरी में भिंडी की बुवाई की तैयारी में हैं, लेकिन येलो वेन मोजैक वायरस बड़ी चुनौती है। विशेषज्ञों का कहना है कि बीजों को 4–6 घंटे भिगोकर उपचार करना और रोग-प्रतिरोधी किस्में चुनना जरूरी है। सफेद मक्खी रोकने के लिए इमिडाक्लोप्रिड या नीम तेल का छिड़काव करें और संक्रमित पौधों को नष्ट करें, ताकि 80–90% नुकसान से बचा जा सके

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 01, 2026 पर 12:14 PM
Agri News: भिंडी फसल को वायरस से बचाने के आसान उपाय, जानें कैसे करें सुरक्षित बुवाई
Agri News: जो किसान रसायनों के बजाय प्राकृतिक तरीके अपनाना चाहते हैं

फरवरी का महीना भिंडी किसानों के लिए बुवाई का अहम समय होता है, क्योंकि इस समय गर्मी की भिंडी की फसल की तैयारी तेज हो जाती है। किसान खेतों में बीज बोने और जमीन तैयार करने में जुट जाते हैं, ताकि समय पर फसल उगाई जा सके। लेकिन इस फसल के लिए येलो वेन मोजैक वायरस एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह वायरस फसल की गुणवत्ता को प्रभावित करने के साथ-साथ उपज को 80–90 प्रतिशत तक कम कर सकता है, जिससे किसानों की मेहनत और निवेश दोनों खतरे में पड़ सकते हैं।

­­कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सही बीज उपचार, रोग-प्रतिरोधी किस्मों का चयन और कीट नियंत्रण अपनाकर इस नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है। साथ ही, वैज्ञानिक तकनीक और जैविक उपायों का इस्तेमाल करके किसान न केवल फसल को सुरक्षित रख सकते हैं, बल्कि बंपर उपज हासिल कर आर्थिक रूप से भी मजबूत रह सकते हैं।

बीज उपचार से फसल की मजबूत शुरुआत

जिला उद्यान अधिकारी डॉ. पुनीत कुमार पाठक बताते हैं कि भिंडी की सफल फसल के लिए बीज उपचार बेहद जरूरी है। बीजों को बुवाई से पहले 4–6 घंटे या पूरी रात पानी में भिगोकर रखने से अंकुरण बेहतर होता है और पौधे मजबूत बनते हैं। इसके अलावा रोग-प्रतिरोधी प्रजातियों जैसे पूसा ए-4, अरका अनामिका और परभणी क्रांति का चयन करना फसल को येलो वेन मोजैक वायरस से बचाने में मदद करता है। संक्रमित पौधों को तुरंत उखाड़कर नष्ट करना और कीट नियंत्रण के लिए जैविक या रासायनिक उपाय अपनाना फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें