बिहार के किसानों के लिए ड्रैगन फ्रूट अब सिर्फ एक नया फल नहीं बल्कि आर्थिक अवसर भी बनकर सामने आया है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह का कहना है कि ये फल राज्य के किसानों की दिशा और दशा दोनों बदल सकता है। बिहार के कई जिलों में पहले से ही अनाज के साथ-साथ फलों की बागवानी होती है। आम, केला, तरबूज और लीची जैसे फलों की खेती लंबे समय से हो रही है, लेकिन अब ड्रैगन फ्रूट किसानों के लिए लाभ का नया जरिया बन सकता है। इस फल की खेती कम लागत में की जा सकती है और यह लंबे समय तक फसल देती है।
