बिहार का मखाना अब केवल स्थानीय फसल नहीं रह गया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सुपरफूड के रूप में पहचान बना रहा है। पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण इसकी मांग देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ी है। बढ़ती डिमांड ने मखाना को किसानों के लिए कमाई का नया अवसर बना दिया है। इसी संभावना को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई योजनाएं और सुविधाएं उपलब्ध करा रही हैं। सरकार का फोकस है कि ज्यादा से ज्यादा किसान मखाना की खेती से जुड़ें और कम लागत में बेहतर मुनाफा कमा सकें।
उन्नत बीज, सब्सिडी और तकनीकी सहयोग के जरिए मखाना खेती को आसान और लाभकारी बनाया जा रहा है। इस पहल से न सिर्फ मखाना उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय में भी स्थायी सुधार होगा और बिहार की पहचान वैश्विक कृषि बाजार में और मजबूत बनेगी।
मखाना खेती के लिए सरकार की खास योजना
कृषि विभाग ने मखाना की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी अनुदान वाली योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसान 15 जनवरी तक बिहार कृषि ऐप या उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन वही किसान कर पाएंगे, जो पहले से विभागीय डीबीटी पोर्टल पर रजिस्टर्ड हों।
कितनी मिलेगी सब्सिडी और लागत कितनी होगी
मखाना की खेती के लिए सरकार ने प्रति हेक्टेयर 0.97 लाख रुपये की यूनिट लागत तय की है। इसमें बीज, खेती में लगने वाले जरूरी इनपुट और हार्वेस्टिंग तक का खर्च शामिल है। योजना के पहले साल में किसानों को 36,375 रुपये प्रति हेक्टेयर की सब्सिडी दी जाएगी।
बीज की राशि सीधे बीज आपूर्तिकर्ता को दी जाएगी, जबकि बाकी रकम पौध रोपण के बाद किसानों के खाते में भेजी जाएगी।
कितनी जमीन के लिए मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ एक किसान न्यूनतम 0.25 एकड़ (0.1 हेक्टेयर) और अधिकतम 5 एकड़ (2 हेक्टेयर) तक की जमीन के लिए ले सकता है। इससे छोटे और मध्यम दोनों तरह के किसानों को फायदा होगा।
उन्नत बीजों पर भी मिलेगी सहायता
मखाना बीज उत्पादन योजना के तहत स्वर्ण वैदेही और सबौर मखाना-1 जैसी उन्नत किस्मों के बीज तैयार किए जाएंगे। सरकार मखाना बीज वितरण योजना के अंतर्गत 225 रुपये प्रति किलो तक की सहायता देगी। अगर बीज की कीमत इससे ज्यादा हुई, तो अतिरिक्त राशि किसानों को खुद चुकानी होगी।
इन 16 जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा
इस योजना का लाभ बिहार के 16 जिलों के किसानों को मिलेगा, जिनमें कटिहार, पूर्णिया, दरभंगा, मधुबनी, किशनगंज, सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर, भागलपुर, सीतामढ़ी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण व मुजफ्फरपुर शामिल हैं।
किसानों की आय बढ़ाने की बड़ी पहल
सरकार की इस पहल से मखाना की खेती का दायरा बढ़ेगा। उन्नत बीज, आधुनिक तकनीक और सब्सिडी के जरिए न सिर्फ उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आमदनी में भी अच्छा इजाफा होगा। मखाना अब बिहार के किसानों के लिए कमाई का मजबूत जरिया बनता जा रहा है।