बुरहानपुर जिले के किसान परंपरागत फसलों जैसे केला, कपास और गन्ना पर अधिक निर्भर हैं, जो वर्षों से उनके आमदनी का मुख्य स्रोत रहे हैं। लेकिन आज की बदलती परिस्थितियों में इन फसलों में लागत अधिक और मुनाफा अपेक्षाकृत कम हो रहा है, जिससे किसानों की मेहनत पूरी तरह लाभकारी नहीं रह पाती। ऐसे में सब्जी की खेती एक प्रभावी और लाभदायक विकल्प के रूप में सामने आती है। खासतौर पर ठंड के मौसम में तरबूज, भिंडी और मटर जैसी फसलें कम समय में तैयार हो जाती हैं और किसानों को जल्दी और अच्छी आमदनी देती हैं।
