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गेहूं की पहली सिंचाई में ये भूल न करें, वरना फसल हो जाएगी बर्बाद!

Agriculture tips: उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गेहूं की बुवाई पूरी हो चुकी है। नवंबर के पहले पखवाड़े में बोई गई फसल अब पहली सिंचाई की तैयारी में है। समय पर हल्की सिंचाई करने से जड़ें मजबूत होती हैं, पौधे पोषक तत्व और पानी ले पाते हैं, और कल्ले की संख्या बढ़कर उत्पादन भी बेहतर होता है

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Dec 06, 2025 पर 2:38 PM
गेहूं की पहली सिंचाई में ये भूल न करें, वरना फसल हो जाएगी बर्बाद!
Agriculture tips: अधिक पानी देने से जड़ों तक ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, जिससे पौधों की ग्रोथ रुक जाती है।

उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में गेहूं की बुवाई पूरी हो चुकी है। हालांकि, कुछ किसान दिसंबर के अंतिम दिनों तक भी फसल बोते हैं। जिन किसानों ने नवंबर के पहले पखवाड़े में बुवाई की थी, उनकी फसल अब पहली सिंचाई की तैयारी में है। पहली सिंचाई समय पर करना बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं और मिट्टी में नमी बनी रहती है। मजबूत जड़ों से पौधे गहराई तक पोषक तत्व और पानी ले पाते हैं, जिससे उनकी ग्रोथ अच्छी होती है। सही समय पर सिंचाई करने से कल्ले की संख्या बढ़ती है, जिससे उत्पादन में भी वृद्धि होती है।

अगर सिंचाई में गलती हो जाए, जैसे बहुत ज्यादा पानी डाल देना, तो पौधों की ग्रोथ प्रभावित होती है और पत्तियों पर पीलापन दिखाई देने लगता है। इसलिए किसानों को पहली सिंचाई ध्यान से करनी चाहिए।

पहली सिंचाई क्यों है जरूरी?

सिंचाई करने से मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे पौधों की जड़ें मजबूती से फैलती हैं। मजबूत जड़ों से पौधों को जरूरी पोषक तत्व और पानी लंबे समय तक मिलता है, जिससे फसल की ग्रोथ बेहतर होती है। इसके अलावा, समय पर सिंचाई करने से गेहूं के कल्ले की संख्या बढ़ती है, जिससे उत्पादन में भी इजाफा होता है।

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