Farming Tips: बंजर जमीन ने बदली किसान की किस्मत, अप्रैल तक 1.5 का लाख मुनाफा!

Chilli Farming: गोड्डा जिले के हरकट्टा गांव के किसान नसीब मुर्मू ने बंजर जमीन पर मेहनत और आधुनिक तकनीक से मिर्च की खेती कर कमाल कर दिया। सिर्फ 1 रुपये प्रति पौधे की लागत में तीन महीने में उन्होंने लगभग 60 हजार रुपए कमाई की। उनकी सफलता अब आसपास के किसानों के लिए प्रेरणा बन चुकी है

अपडेटेड Jan 05, 2026 पर 12:24 PM
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Chilli Farming: इससे पौधों को सही मात्रा में नमी मिलती है और पानी की बचत होती है।

गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड के हरकट्टा गांव के किसान नसीब मुर्मू ने बंजर भूमि को कमाई का साधन बनाकर एक मिसाल कायम की है। उन्होंने मेहनत, आधुनिक कृषि तकनीक और सरकारी सहायता का लाभ उठाते हुए अपनी जमीन पर मिर्च की खेती शुरू की। इस खेती में प्रति पौधे केवल 1 रुपये की लागत लगी, लेकिन तीन महीने के भीतर ही उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने लगभग 60 हजार रुपए की आमदनी अर्जित की। नसीब मुर्मू की यह सफलता अब सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

किसान ने मिट्टी सुधार, टपक सिंचाई और वैज्ञानिक फसल प्रबंधन जैसे उपाय अपनाकर पहले बंजर मानी जाने वाली जमीन को उपजाऊ बनाया। उनकी कहानी यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से खेती सिर्फ जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि लाभकारी व्यवसाय भी बन सकती है।

पहले बंजर थी जमीन, अब दे रही आमदनी

नसीब मुर्मू ने अपनी 10 कट्ठा जमीन पर मिर्च की खेती शुरू की। यह जमीन पहले पूरी तरह बंजर और पहाड़ी टीले जैसी थी, जहां खेती की कल्पना भी मुश्किल थी। लगातार मेहनत, मिट्टी सुधार और वैज्ञानिक तरीके अपनाकर उन्होंने इसे उपजाऊ बनाया और अब उसी जमीन से सब्जी और मिर्च की खेती कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं।


सही मार्गदर्शन से बढ़ा उत्पादन

किसान ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि उन्हें कृषि विज्ञान केंद्र की ‘जीविका हासा परियोजना’ से काफी मदद मिली। परियोजना के कर्मचारी समय-समय पर खेत का निरीक्षण करते और आधुनिक खेती, फसल प्रबंधन, पौधा संरक्षण और सिंचाई तकनीक सिखाते। इसी मार्गदर्शन से उनकी मिर्च की फसल अब बेहतर उत्पादन देने लगी है।

टपक सिंचाई यंत्र से लागत और पानी की बचत

परियोजना के जरिए नसीब मुर्मू को टपक सिंचाई यंत्र भी मिला। इससे पौधों को सही मात्रा में नमी मिलती है और पानी की बचत होती है। प्रति पौधा लागत लगभग 1 रुपए आई, जबकि उत्पादन और बिक्री से अच्छा मुनाफा हो रहा है।

अप्रैल तक 1.5 लाख की कमाई संभव

नसीब मुर्मू का कहना है कि मिर्च की तुड़ाई अभी जारी है और अप्रैल तक वे करीब 1.5 लाख रुपए तक की कमाई की उम्मीद कर रहे हैं। उनका मानना है कि सही तकनीक, मेहनत और सरकारी योजनाओं के सही इस्तेमाल से खेती घाटे का काम नहीं, बल्कि लाभ का व्यवसाय बन सकती है।

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