Maize cultivation: आलू के बाद खेत में मक्का उगाने का स्मार्ट तरीका, बढ़ाएं मुनाफा

Maize cultivation: कन्नौज में आलू की फसल के बाद जायद सीजन में मक्का की खेती किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। कृषि विशेषज्ञ 60–70 सेमी कतार और 20–25 सेमी पौधा दूरी अपनाने की सलाह दे रहे हैं। मेड पर बुवाई से जल निकासी बेहतर होती है और संतोष कुमार के अनुसार वैज्ञानिक देखभाल से पैदावार और मुनाफा बढ़ता है

अपडेटेड Feb 22, 2026 पर 12:36 PM
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Maize cultivation: आलू निकालने के बाद खेत में बचे डंठल और खरपतवार साफ करें।

कन्नौज में आलू की फसल की खुदाई पूरी होते ही किसान अगले कदम की तैयारी में जुट जाते हैं। खाली खेतों को यूं ही छोड़ने के बजाय अब बड़ी संख्या में किसान जायद सीजन में मक्का की खेती को अपना रहे हैं। इसे कम समय में बेहतर आमदनी देने वाली फसल माना जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर खेत की सही तरीके से जुताई की जाए, मिट्टी को भुरभुरा बनाया जाए और उचित दूरी पर बीज बोया जाए, तो पैदावार काफी अच्छी मिल सकती है।

कई बार जल्दबाजी में या बिना योजना के बुवाई करने से उत्पादन प्रभावित हो जाता है। इसलिए जरूरी है कि किसान वैज्ञानिक सलाह के अनुसार कदम उठाएं। सही तैयारी, संतुलित खाद और समय पर देखभाल से मक्का की खेती लाभ का मजबूत जरिया बन सकती है।

खेत की तैयारी


आलू निकालने के बाद खेत में बचे डंठल और खरपतवार साफ करें। इसके बाद एक गहरी जुताई कर मिट्टी पलट दें, ताकि कीट और रोग कम हों। फिर दो हल्की जुताई और पाटा लगाकर खेत को भुरभुरा व समतल बनाएं। यदि संभव हो तो 8–10 टन प्रति हेक्टेयर सड़ी गोबर की खाद मिलाने से मिट्टी की ताकत बढ़ती है।

सही दूरी और गहराई है जरूरी

सामान्य किस्मों के लिए कतारों के बीच 60–70 सेंटीमीटर और पौधों के बीच 20–25 सेंटीमीटर दूरी रखें। हाइब्रिड किस्मों में कतार दूरी 70–75 सेंटीमीटर तक हो सकती है। बीज को 4–5 सेंटीमीटर गहराई पर बोने से अंकुरण बेहतर होता है।

मेड पर बुवाई का बढ़ता चलन

कन्नौज के डिप्टी डायरेक्टर कृषि संतोष कुमार लोकल 18 से बात करते हुए बताते हैं कि, जिले में 60 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में मक्का उगाई जा रही है। मेड बनाकर बुवाई करने से जल निकासी बेहतर होती है, जड़ें मजबूत बनती हैं और सिंचाई आसान हो जाती है।

समय पर देखभाल से बढ़ेगा मुनाफा

निंदाई-गुड़ाई, संतुलित खाद और सही सिंचाई से किसान मक्का की फसल से बेहतर उत्पादन ले सकते हैं। वैज्ञानिक तरीके अपनाकर आलू के बाद मक्का से अधिक लाभ कमाया जा सकता है।

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