राजस्थान के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बाजरा किसानों के लिए जीवनरेखा जैसा है। कम बारिश और सीमित संसाधनों के बावजूद यह फसल अच्छी पैदावार देती है, इसलिए यहां के किसान पीढ़ियों से इसकी खेती करते आ रहे हैं। बाजरा न सिर्फ लोगों के रोज़मर्रा के भोजन का अहम हिस्सा है, बल्कि पशुपालन पर निर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए चारे का भी भरोसेमंद साधन है। हालांकि, बाजरे की खेती आसान जरूर है, लेकिन पूरी तरह जोखिम से मुक्त नहीं। हर साल कुछ कीट और रोग किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं।
