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Farming tips: करवा कीट से लड़ाई में काम आता है ये पारंपरिक तरीका, जानें कैसे

Farming tips: राजस्थान के शुष्क क्षेत्रों में बाजरे की खेती के दौरान करवा कीट किसानों के लिए गंभीर चुनौती बनता है। इससे बचाव के लिए ग्रामीण इलाकों में ऊंट की सूखी हड्डियां जलाने की पारंपरिक विधि अपनाई जाती रही है। इनसे निकलने वाला तेज धुआं और गंध कीटों को दूर भगाती है। विशेषज्ञ इसे अनुभव आधारित लोकज्ञान मानते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 07, 2026 पर 12:35 PM
Farming tips: करवा कीट से लड़ाई में काम आता है ये पारंपरिक तरीका, जानें कैसे
Farming Tips: कीटनाशकों के आने से पहले किसान अपने अनुभव और परंपरागत ज्ञान पर निर्भर रहते थे।

राजस्थान के शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में बाजरा किसानों के लिए जीवनरेखा जैसा है। कम बारिश और सीमित संसाधनों के बावजूद यह फसल अच्छी पैदावार देती है, इसलिए यहां के किसान पीढ़ियों से इसकी खेती करते आ रहे हैं। बाजरा न सिर्फ लोगों के रोज़मर्रा के भोजन का अहम हिस्सा है, बल्कि पशुपालन पर निर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए चारे का भी भरोसेमंद साधन है। हालांकि, बाजरे की खेती आसान जरूर है, लेकिन पूरी तरह जोखिम से मुक्त नहीं। हर साल कुछ कीट और रोग किसानों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं।

इन्हीं में से एक बड़ी समस्या है करवा नाम का कीड़ा, जो खेतों में तेजी से फैलकर फसल को कमजोर कर देता है। समय पर पहचान और सही प्रबंधन न हो, तो यह कीड़ा उत्पादन को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है। इसलिए बाजरे की खेती करने वाले किसानों के लिए इस चुनौती को समझना बेहद जरूरी है।

लोकज्ञान से निकला अनोखा समाधान

आधुनिक कीटनाशकों के आने से पहले किसान अपने अनुभव और परंपरागत ज्ञान पर निर्भर रहते थे। इन्हीं उपायों में से एक खास तरीका है—खेत के पास ऊंट की सूखी हड्डियों को जलाना। यह परंपरा आज भी कई गांवों में देखने को मिलती है।

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