छपरा के किसान अब केवल पारंपरिक फसल तक सीमित नहीं रह गए हैं। अब वे कम समय में अधिक मुनाफा कमाने के लिए फल-फूल की बागवानी अपना रहे हैं। इससे उनकी आमदनी में काफी बढ़ोतरी हुई है और साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिल रहा है। सोनपुर प्रखंड के पहलेजा गांव निवासी सुरेंद्र सिंह इस बदलाव के अच्छे उदाहरण हैं। सुरेंद्र सिंह ने हाजीपुर में अमरूद की बागवानी देखी और उनसे प्रेरणा लेकर जिले के गरखा प्रखंड के अडूपुर गांव के पास 10 एकड़ जमीन लीज पर लेकर बागवानी शुरू की। उन्होंने भगवानपुरी और वाराणसी वैरायटी के अमरूद लगाए, जो कम मेहनत में साल में दो-तीन बार फल देते हैं। फल तोड़ने और देखभाल के लिए उन्होंने रोज़ाना 10-15 लोगों को काम पर रखा।
