Shani Gochar: ज्योतिष शास्त्र मे कुछ ग्रहों का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इनमें से एक हैं कर्मफलदाता शनि देव। ये ग्रह बहुत धीमी गति से चलता है और एक राशि में ढाई साल तक रहता है। इसे ज्योतिष के गुस्सैल ग्रहों में से एक माना जाता है। ये जातक को उसके कर्मों के हिसाब से फल देता है। इस ग्रह गोचर सभी 12 राशियों को ही नहीं देश दुनिया की घटनाओं को भी प्रभावित करता है। साल 2027 में इस ग्रह का महागोचर मेष राशि में होगा। शनि का यह महागोचर पूरे 30 साल बाद होगा। शनि देव अपनी नीच राशि मेष में प्रवेश करेंगे। इस गोचर से सभी राशियों के करियर, कारोबार और आर्थिेक स्थिति पर असर पड़ेगा। इसके प्रभाव से जहां कुछ राशियों को ढैय्या और साढ़ेसाती से मुक्ति मिलेगी, वहीं कुछ के लिए नई मुश्किलें शुरू होंगी।
