डर कई बार हमारी जिंदगी के फैसलों पर इतना असर डालता है कि हम नौकरी, रिश्ते, सपने या अपनी बात तक को लेकर पीछे हटने लगते हैं। जब मन बार-बार नतीजे, नुकसान या लोगों की सोच के बारे में चिंता करता है, तो छोटी-सी बात भी बड़ी चुनौती जैसी लगने लगती है। भगवद्गीता की सीख हमें याद दिलाती है कि हर समय नतीजे की चिंता करने के बजाय अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए। जब इंसान अपना काम पूरी ईमानदारी और आत्मविश्वास से करता है, तो धीरे-धीरे डर कम होता है और मन में शांति व उत्साह आने लगता है।
अपडेटेड Sep 02, 2026 पर 04:28 PM