Budget 2025: आईटी, एनर्जी और बैंकिंग में निवेश का मौका, बजट के बाद कीमतों को लग सकते हैं पंख

श्रीराम का मानना है कि आईटी कंपनियों को अमेरिका में कॉर्पोरेट टैक्स घटने से फायदा हो सकता है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कॉर्पोरेट टैक्स घटने की उम्मीद है। अगर अमेरिका में कंपनियों पर टैक्स का बोझ घटता है तो उनका मुनाफा बढ़ेगा। इससे वे आईटी पर खर्च बढ़ा सकती हैं। इसका फायदा इंडियन आईटी कंपनियों को होगा

अपडेटेड Jan 12, 2025 पर 2:34 PM
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आईटी और बीएफएसआई स्टॉक्स का प्रदर्शन पिछले दो साल में कमजोर रहा है।

आईटी और बीएफएसआई स्टॉक्स में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है। बीएनबी पारिबा म्यूचुअल फंड के जितेंद्र श्रीराम का यह मानना है। उन्होंने कहा कि एनर्जी के अलावा आईटी और बीएफएसआई स्टॉक्स में कमाई के मौके दिख रहे हैं। इसकी वजह यह है कि आईटी और बीएफएसआई स्टॉक्स का प्रदर्शन पिछले दो साल में कमजोर रहा है। मनीकंट्रोल से बातचीत में उन्होंने यूनियन बजट 2025 के बारे में खुलकर बातचीत की।

आईटी कंपनियों को मिलेगा इन दो चीजों का फायदा

श्रीराम का मानना है कि आईटी कंपनियों को दो चीजों का फायदा मिलने जा रहा है। पहला, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद कॉर्पोरेट टैक्स घटने की उम्मीद है। अगर अमेरिका में कंपनियों पर टैक्स का बोझ घटता है तो उनका मुनाफा बढ़ेगा। इससे वे आईटी पर खर्च बढ़ा सकती हैं। इसका फायदा इंडियन आईटी कंपनियों को होगा। आईटी कंपनियों को डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी का फायदा भी मिलेगा। पिछले कुछ हफ्तों में डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है। इससे आईटी कंपनियों का प्रॉफिट बढ़ेगा।


यूनियन बजट से ज्यादा ट्रंप के राष्ट्रपति बनने का असर दिखेगा

यूनियन बजट 2025 के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इस बजट से उन्हें ज्यादा उम्मीद नहीं है। इसकी वजह यह है कि 23 जुलाई, 2024 और इस बजट के बीच समय के लिहाज से ज्यादा लंबा अंतर नहीं है। सरकार 23 जुलाई को पेश अपने बजट में अपनी पॉलिसी के बारे में संकेत दे चुकी है। हालांकि, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने का असर मार्केट पर दिख सकता है। इसकी वजह यह है कि ट्रंप ने पॉलिसी में कुछ बड़े बदलाव करने के संकेत दिए हैं।

अमेरिका में बढ़ सकता है टैरिफ

उन्होंने कहा कि ट्रंप ने टैरिफ को लेकर कुछ बड़े संकेत दिए हैं। उनका फोकस अमेरिका में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर होगा। इसके लिए वह टैरिफ बढ़ा सकते हैं। अगर टैरिफ बढ़ता है तो इसका व्यापक असर पड़ेगा। ग्लोबल इनफ्लेशन लंबे समय तक हाई लेवल पर रह सकता है। इसका असर इंडिया सहित ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ पर पड़ सकता है।

वेल्फेयर स्कीम पर होगा सरकार का फोकस

श्रीराम ने कहा कि राज्य सरकारें अपनी स्कीमों के जरिए कंजम्प्शन बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। 14 राज्यों की सरकारों ने महिलाओं के लिए स्कीम पर फोकस बढ़ाई है। इनमें लड़की-बहन, गृह लक्ष्मी और ऐसी कई योजनाएं शामिल हैं। सरकार पूंजीगत खर्च में इजाफा कर आर्थिक गतिविधियां बढ़ाने की कोशिश करेगी।

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सरकार के पूंजीगत खर्च बढ़ाने की उम्मीद

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करने वाली हैं। यह लगातार उनका 8वां बजट होगा। उम्मीद है कि वह पूंजीगत खर्च का टारगेट बढ़ाएगी। FY24 के यूनियन बजट में सरकार ने पूंजीगत खर्च के लिे 11.11 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया था। लेकिन, पिछले साल मई में लोकसभा चुनावों की वजह से यह असल पूंजीगत खर्च टारगेट से कम रहा।

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