अगर आप गोल्ड खरीदने जा रहे हैं तो थोड़ा इंतजार कर लेना ठीक रहेगा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट में गोल्ड के लिए बड़े ऐलान करने जा रही हैं। पिछले साल 23 जुलाई को पेश यूनियन बजट में उन्होंने गोल्ड के लिए बड़े ऐलान किए थे। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन ने वित्तमंत्री को अपनी मांगों के बारे में बताया है। एसोसिएशन का मानना है कि लगातार दूसरे साल अमेरिका और कनाडा को इंडिया से गोल्ड ज्वैलरी का एक्सपोर्ट घटा है। ऐसे में सरकार 85 अरब डॉलर की इस इंडस्ट्री के लिए बड़े ऐलान कर सकती है।
सरकार ने पिछले साल घटाई थी इंपोर्ट ड्यूटी
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पिछले साल जुलाई में पेश बजट (Union Budget) में गोल्ड और सिल्वर पर इंपोर्ट ड्यूटी 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दी थी। इससे दूसरे देशों और इंडिया की इंपोर्ट ड्यूटी के बीच फर्क कम हो गया था। इससे इंडिया में गोल्ड की डिमांड बढ़ी थी। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को अपनी मांगों के बारे में बताया है। एसोसिएशन ने वित्तमंत्री से गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 फीसदी से घटाकर 3 फीसदी करने की मांग की है। उसका मानना है कि इससे इंडिया से गोल्ड ज्वैलरी के एक्सपोर्ट को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
चांदी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य हो सकती है
सरकार ने गोल्ड ज्वैलरी के लिए हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया है। इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। इससे ग्राहकों को खराब क्वालिटी के गोल्ड या मिलावटी गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री से बचाने में मदद मिली है। एसोसिएशन का मानना है कि सरकार सिल्वर ज्वैलरी के लिए भी हॉलमार्किंग की व्यवस्था को अनिवार्य बना सकती है। इसकी वजह यह है कि इंडिया में बड़ी संख्या में लोग सिल्वर में भी इनवेस्ट करते हैं। अगर गोल्ड ज्वैलरी की तर्ज पर सिल्वरी ज्वैलरी के लिए भी हॉलमार्किंग को अनिवार्य बनाया जाता है तो इससे खराब या मिलावरी चांदी की ज्वैलरी की बिक्री पर अंकुश लगेगा।
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इंडिया गोल्ड आयात के मामले में दूसरे नंबर पर
गोल्ड ज्वैलरी इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि इंडिया दुनिया में सोने का सबसे ज्यादा आयात करने के मामले में दूसरे नंबर है। अभी सोने की घरेलू खपत काफी ज्यादा है। सरकार गोल्ड ज्वैलरी का निर्याता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए इंडस्ट्री को सरकार के सपोर्ट की जरूरत है। सरकार ने पिछले साल जुलाई में गोल्ड पर ड्यूटी घटाई थी। इससे 2024 में वैल्यू के लिहाज से गोल्ड का इंपोर्ट 21 फीसदी बढ़कर 52 अरब डॉलर रहा। लेकिन, वॉल्यूम के लिहाज से गोल्ड के आयात में हल्की गिरावट आई है। हालांकि, सोने की स्मग्लिंग में कमी आई है।