Budget 2025: खाद्य तेलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़े ऐलान कर सकती हैं सीतारमण

सरकार हर उस चीज का उत्पादन देश में बढ़ाना चाहती है, जिसका अभी ज्यादा आयात होता है। इसमें खाद्य तेलों के आलावा दलहन भी शामिल है। हर साल इन चीजों के आयात पर सरकार को काफी विदेशी मुद्रा खर्च करनी पड़ती है

अपडेटेड Jan 01, 2025 पर 5:06 PM
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इंडिया इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम तेल का आयात करता है।

पाम ऑयल की कीमतें 2024 में 22 फीसदी बढ़ी हैं। इससे इंडिया का इंपोर्ट बिल भी बढ़ा है। इसकी वजह यह है कि इंडिया में खाद्य तेलों की कुल खपत में पाम ऑयल की बड़ी हिस्सेदारी है। इंडिया में सालाना 2.3-2.5 करोड़ टन खाद्य तेल की खपत होती है। इसमें से करीब 1.5 से 1.6 करोड़ टन खाद्य तेलों का आयात होता है। इसमें पाम ऑयल की हिस्सेदारी करीब 80 लाख से एक करोड़ टन तक है।

इन देशों से पाम तेलों का आयात

इंडिया इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम तेल (Palm Oil) का आयात करता है। सरकार लगातार खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता घटाने की कोशिश कर रही है। यूनियन बजट 2025 (Union Budget 2025) में सरकार देश में खाद्य तेलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़ा ऐलान कर सकती है।


आयात पर निर्भरता घटाना चाहती है सरकार

सरकार हर उस चीज का उत्पादन देश में बढ़ाना चाहती है, जिसका अभी ज्यादा आयात होता है। इसमें खाद्य तेलों के आलावा दलहन भी शामिल है। हर साल इन चीजों के आयात पर सरकार को काफी विदेशी मुद्रा खर्च करना पड़ता है। दरअसल, इंपोर्ट बिल पेमेंट के लिए सरकार डॉलर का इस्तेमाल करती है। इंपोर्ट बिल बढ़ने पर सरकार को ज्यादा डॉलर की जरूरत पड़ती है। इससे रुपये पर दबाव बढ़ जाता है। सरकार काफी समय से दलहन और खाद्य तेलों के आयात पर निर्भरता घटाना चाहती है।

खाद्य तेलों के आयात पर 15 अरब डॉलर खर्च

सरकार 2027 तक दलहन के मामले में आत्मनिर्भर बनना चाहती है। कृषि मंत्रालय इसके लिए प्लान तैयार कर रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में इंडिया का इंपोर्ट बिल 854.8 अरब डॉलर था। इस दौरान खाद्य तेलों के आयात में थोड़ी कमी देखने को मिली। लेकिन, दलहन का आयात छह साल के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गया। सरकार को दलहन के आयात पर 3.7 अरब डॉलर खर्च करना पड़ा। वनस्पति तेलों के आयात पर 14.8 अरब डॉलर खर्च करना पड़ा।

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2021 में शुरू हुआ था नेशनल ऑयलसीड मिशन

सूत्रों ने बताया कि सरकार तिलहन का उत्पादन बढ़ाना चाहती है। इससे खाद्य तेलों के आयात पर सरकार की निर्भरता घटेगी। अगले 3-4 सालों में दलहन के मामले में इंडिया आत्मनिर्भर हो जाएगा। इससे दालों का आयात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। खाद्य तेलों-पाम ऑयल का उत्पादन बढ़ाने के लिए सरकार ने 2021 में नेशनल मिशन शुरू किया था। इसके तहत सरकार ने वित्त वर्ष 2026 तक पाम ऑयल का उत्पादन बढ़ाकर 11 लाख टन करने का टारगेट तय किया है।

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