ग्रांट थॉर्नटन भारत ने यूनियन बजट 2025 से पहले एक बड़ा सर्वे किया है। इस सर्वे में इनकम टैक्सपेयर्स ने यूनियन बजट से अपनी उम्मीदों के बारे में बताया है। इस सर्वे में 5000 से ज्यादा टैक्सपेयर्स ने हिस्सा लिए। टैक्सपेयर्स ने 1 फरवरी को पेश होने वाले यूनियन बजट से अपनी कई उम्मीदों के बताया। करीब 57 फीसदी इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स यूनियन बजट में इनकम टैक्स में कमी का ऐलान चाहते हैं। इस बार बजट से पहले इनकम टैक्स घटने की चर्चा काफी ज्यादा है।
63% टैक्सपेयर्स ओल्ड रीजीम में ज्यादा इनसेंटिव चाहते हैं
सर्वे के नतीजों से पता चलता है कि 72 फीसदी इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स की नई रीजीम (Income Tax New Regime) का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके बावजूद 63 फीसदी टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में ज्यादा इनसेंटिव चाहते हैं। करीब 46 फीसदी टैक्सपेयर्स ने कहा कि सरकार को इनकम टैक्स की नई रीजीम का आकर्षण बढ़ाने के लिए इसमें टैक्स के रेट्स में कमी करनी चाहिए। 26 फीसदी टैक्सपेयर्स का मानना था कि इनकम टैक्स की नई रीजीम में एग्जेमप्शन लिमिट बढ़ाई जा सकती है।
इनकम टैक्स में राहत से बढ़ेगी डिस्पोजेबल इनकम
इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स का मानना है कि अगर इनकम टैक्स में राहत देती है तो उनकी डिस्पोजेबल इनकम बढ़ जाएगी। 57 फीसदी टैक्सपेयर्स कम टैक्स चाहते हैं, जबकि 25 फीसदी का मानना है कि 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट में एग्जेम्पशन लिमिट बढ़नी चाहिए। 53 फीसदी लोगों का मानना था कि सरकार को इनकम टैक्स की नई रीजीम में हाउस प्रॉपर्टी से लॉस को सेट-ऑफ करने की इजाजत देनी चाहिए।
नेशनल पेंशन सिस्टम में टैक्स डिडक्शन बढ़ना चाहिए
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर अखिल चंदन ने कहा कि अगर सरकार एनपीएस में टैक्स डिडक्शन की लिमिट बढ़ाती है और विड्रॉल के नियमों को आसान बनाती है तो नेशनल पेंशन सिस्टम में लोगों की दिलचस्पी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के ज्यादा इस्तेमाल से स्वच्छ वातावरण चाहती है तो ईवी के टैक्स के नियमों पर स्पष्टीकरण जरूरी है। इसके अलावा ईवी खरीदने पर फिर से डिडक्शन शुरू होना चाहिए।
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नई रीजीम के लिए हो सकते हैं ऐलान
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार यूनियन बजट में इनकम टैक्स की नई रीजीम को लेकर बड़े ऐलान कर सकती है। सरकार का फोकस नई रीजीम का इस्तेमाल बढ़ाने पर रहा है। सरकार की कोशिशों के नतीजे भी दिखे हैं। शुरुआत में नई रीजीम में टैक्सपेयर्स ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। लेकिन, अब 72 फीसदी इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स इस रीजीम का इस्तेमाल कर रहे हैं।