इंडियन इकोनॉमी में स्लोडाउन सिर्फ कुछ समय के लिए है। मनीकंट्रोल-डेलॉयट के सर्वे में 42 फीसदी सीईओ ने यह राय जताई। इस सर्वे में शामिल ज्यादातर सीईओ का मानना है कि अगले फाइनेंशियल ईयर में इकोनॉमी में रिकवरी दिखेगी। सर्वे के नतीजों से संकेत मिलता है कि सीईओ को इकोनॉमी की स्ट्रेंथ में भरोसा है। इकोनॉमी में जो सुस्ती देखने को मिली है, वह थोड़े समय के लिए है।
सर्वे में 45 कंपनियों के सीईओ ने हिस्सा लिए
मनीकंट्रोल-डेलॉयट के सर्वे में अलग-अलग सेक्टर की कंपनियों के 45 सीईओ ने हिस्सा लिया। इनमें फाइनेंशियल सर्विसेज, कंज्यूमर गुड्स, टेक्नोलॉजी और एनर्जी कंपनियों के सीईओ शामिल थे। यह सर्वे 10 जनवरी से 22 जनवरी के बीच किया गया। सर्वे में शामिल 42.2 फीसदी सीईओ को भरोसा है कि इकोनॉमी में अगले वित्त वर्ष में मजबूती देखने को मिलेगी। 35.6 फीसदी का मानना था कि अगले वित्त वर्ष के अंत तक इकोनॉमी में रिकवरी शुरू होगी। 17.8 फीसदी का मानना था कि इकोनॉमी में स्लोडाउन बना रहेगा।
दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में आई थी गिरावट
इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 5.4 फीसदी पर आ गई थी। इसे इकोनॉमी में सुस्ती का संकेत माना जा रहा है। बजट से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक में इकोनॉमिस्ट्स ने सरकार को कंजम्प्शन बढ़ाने की सलाह दी है। उनका कहना था कि कंजम्प्शन बढ़ाने से इकोनॉमी की सुस्ती खत्म होगी। इस वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ घटकर 6.4 फीसदी पर आ जाने की उम्मीद है। 7 जनवरी को जारी सरकार के एडवान्स एस्टिमेट से यह पता चला है।
7 तिमाहियों में सबसे कम जीडीपी ग्रोथ
इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ 6.7 फीसदी थी। लेकिन, दूसरी तिमाही में यह घटकर 5.4 फीसदी पर आ गई। यह बीती 7 तिमाहियों में सबसे कम जीडीपी ग्रोथ थी। जीडीपी ग्रोथ में इस गिरावट ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 17 दिसंबर को संसद में कहा था कि इकोनॉमी में यह सुस्ती थोड़े समय के लिए है।
यह भी पढ़ें: Budget 2025: इनकम टैक्सपेयर्स ओल्ड रीजीम में ज्यादा इनसेंटिव चाहते हैं, सर्वे के नतीजे
सरकार को जल्द रिकवरी का भरोसा
निर्मला सीतारमण ने कहा था, "हमें भरोसा है कि आने वाली तिमाहियों में इम्प्रूवमेंट देखने को मिलेगा।" उन्होंने कहा था कि दूसरी तिमाही में स्लेडाउन सिर्फ इंडिया में देखने को नहीं मिला है बल्कि यह ग्लोबल इकोनॉमी में स्लोडाउन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि बीते तीन सालों में इंडियन इकोनॉमी की प्रदर्शन शानदार रहा है। इस दौरान जीडीपी की औसत ग्रोथ 8.3 फीसदी रही है। इससे इंडिया दुनिया में सेबसे तेजी से बढ़ने वाली इकोनॉमी बनी हुई है।