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Budget 2025: सीतारमण निवेश बढ़ाने के लिए टैक्स के नियमों में ये बड़े बदलाव कर सकती हैं

कंसल्टेंसी फर्म डेलॉयट ने भी टैक्स से जुड़ी कमियों को दूर करने की सलाह दी है। उसका मानना है कि खासकर जीएसटी के नियमों को आसान बनाने की जरूरत है। अभी जीएसटी के मामले में कई मीडियम और स्मॉल बिजनेसेज को दिक्कत का सामना करना पड़ता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 07, 2025 पर 4:07 PM
Budget 2025: सीतारमण निवेश बढ़ाने के लिए टैक्स के नियमों में ये बड़े बदलाव कर सकती हैं
एंफी का भी कहना है कि इंडिया के टैक्स स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव करने की जरूरत है।

म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को यूनियन बजट 2025 से काफी उम्मीदें हैं। अगर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ये उम्मीदें पूरी करती हैं तो म्यूचुअल फंड इडस्ट्री को पंख लग जाएंगे। अभी म्यूचुअल फंड स्कीमों के लिए टैक्स स्ट्रक्चर अलग-अलग हैं। इससे इनवेस्टर्स को टैक्स लेकर कनफ्यूजन बना रहता है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था एंफी ने सरकार को टैक्स के नियमों में फर्क खत्म करने की सलाह दी है। इससे म्यूचुअल फंड्स में निवेश के मामले में पारदर्शिता आएगी और निवेश में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी।

टैक्स स्ट्रक्चर को आसान बनाने की जरूरत

कंसल्टेंसी फर्म डेलॉयट ने भी टैक्स से जुड़ी कमियों को दूर करने की सलाह दी है। उसका मानना है कि खासकर जीएसटी के नियमों को आसान बनाने की जरूरत है। अभी जीएसटी के मामले में कई मीडियम और स्मॉल बिजनेसेज को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। डेलॉयट का कहना है कि अगर सरकार जीएसटी फ्रेमवर्क को आसान बनाती है तो इससे कंप्लायंस बढ़ेगा। कप्लायंस बढ़ने का मतलब है कि सरकार के रेवेन्यू में वृद्धि होगी।

SME पर टैक्स का बोझ घटाना होगा

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