म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री को यूनियन बजट 2025 से काफी उम्मीदें हैं। अगर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ये उम्मीदें पूरी करती हैं तो म्यूचुअल फंड इडस्ट्री को पंख लग जाएंगे। अभी म्यूचुअल फंड स्कीमों के लिए टैक्स स्ट्रक्चर अलग-अलग हैं। इससे इनवेस्टर्स को टैक्स लेकर कनफ्यूजन बना रहता है। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री का प्रतिनिधित्व करने वाली संस्था एंफी ने सरकार को टैक्स के नियमों में फर्क खत्म करने की सलाह दी है। इससे म्यूचुअल फंड्स में निवेश के मामले में पारदर्शिता आएगी और निवेश में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ेगी।
