सीनियर सिटीजंस को यूनियन बजट 2025 से काफी उम्मीदें हैं। उन्हें अपनी पेंशन पर निर्भर रहना पड़ता है। कुछ सीनियर सिटीजंस का खर्च तो सिर्फ इंटरेस्ट इनकम से चलता है। बढ़ती महंगाई खासकर खानेपीने की चीजों की कीमतों ने उनका बजट बिगाड़ दिया है। उधार, अस्पातल में इलाज के बढ़ते खर्च ने उन पर दबाव और बढ़ा दिया है। ऐसे में अगर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण उनके लिए 1 फरवरी को बजट में बड़े ऐलान करती हैं तो उनकी बल्ले-बल्ले हो जाएगी।
