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Budget 2025: बजट डेफिसिट और बजट सरप्लस का मतलब क्या है, इंडिया में क्या स्थिति है?

बजट डेफिसिट (Budget Deficit) का सरकार की वित्तीय सेहत पर असर पड़ता है। सरकार को खर्च और रेवेन्यू के बीच के अंतर को पूरा करने के लिए बाजार से कर्ज लेना पड़ता है। सरकार के ज्यादा कर्ज लेने पर इंटरेस्ट रेट बढ़ जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 25, 2024 पर 9:51 AM
Budget 2025: बजट डेफिसिट और बजट सरप्लस का मतलब क्या है, इंडिया में क्या स्थिति है?
दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां बजट सरप्लस की स्थिति है। इसका मतलब है कि ऐसे देशों में सरकार का रेवेन्यू उनके खर्च से ज्यादा होता है।

आपने कई बार बजट डेफिसिट के बारे में सुना होगा। खासकर यूनियन बजट पेश होने से ठीक पहले यह टर्म बार-बार सुनने को मिलता है। बजट डेफिसिट का मतलब क्या है और बजट से पहले इसकी ज्यादा चर्चा क्यों होती है? सरकार हर साल बजट बनाती है। अगर सरकार का रेवेन्यू उसके खर्च से कम होता है तो इसे बजट डेफिसिट कहा जाता है। इसी तरह अगर सरकार का रेवेन्यू उसके खर्च से ज्यादा होता है तो इसे बजट सरप्लस कहा जाता है। इंडिया में सरकार का रेवेन्यू उसके खर्च से कम होता है, जिससे इंडिया में बजट डेफिसिट की स्थिति होती है।

बजट डेफिसिट का असर

बजट डेफिसिट (Budget Deficit) का सरकार की वित्तीय सेहत पर असर पड़ता है। सरकार को खर्च और रेवेन्यू के बीच के अंतर को पूरा करने के लिए बाजार से कर्ज लेना पड़ता है। सरकार के ज्यादा कर्ज लेने पर इंटरेस्ट रेट बढ़ जाता है। साथ ही सरकार की इनकम का बड़ा हिस्सा कर्ज का इंटरेस्ट चुकाने पर खर्च हो जाता है। इंडिया जैसे विकासशील देशों में आम तौर पर बजट डेफिसिट की स्थिति रहती है। इसकी वजह यह है कि सरकार का खर्च हमेशा उसकी इनकम से ज्यादा रहता है।

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