सरकार को इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ाने के लिए प्रायरिटी सेक्टर लेंडिंग (पीएसएल) पर फोकस बढ़ाना होगा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इंडिया को 2047 तक विकसित देश बनाना है तो प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पर्याप्त कर्ज उपलब्ध कराना होगा। आरबीआई की स्टडी में कहा गया है कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर फोकस बढ़ाने से बैंकों के ओवरऑल एसेट क्वालिटी बढ़ाने में मदद मिलती है। यूनियन बजट 2025 प्रायरिटी सेक्टर लेंडिंग पर फोकस बढ़ाने का एक मौका है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट पेश करेंगी। सवाल है कि क्या इकोनॉमी की बदलती स्थितियों के मुताबिक पीएसएल का दायरा बढ़ाने की जरूरत है?
