Budget 2025: क्या सिर्फ नई रीजीम के टैक्सपेयर्स के लिए टैक्स घटाएंगी सीतारमण? जानिए क्या है सच्चाई

सरकार ने इनकम टैक्स की नई रीजीम को यूनियन बजट 2020 में पेश किया था। तब से सरकार लगातार नई रीजीम में टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। 23 जुलाई, 2024 को पेश यूनियन बजट में वित्तमंत्री ने नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए बड़े ऐलान किए थे

अपडेटेड Jan 10, 2025 पर 10:02 AM
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अब भी बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें नौकरी करने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है।

अब यह करीब पक्का हो गया है कि यूनियन बजट 2025 में टैक्सपेयर्स को खुशखबरी मिलने जा रही है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इनकम टैक्स में कमी का ऐलान करेंगी। इससे मिडिल क्लास और लोअर मिडिल क्लास के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मीटिंग में इकोनॉमिस्ट्स ने कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए लोगों पर टैक्स का बोझ कम करने की सलाह दी थी। उनका मानना है कि इनकम टैक्स घटाने से लोगों के हाथ में खर्च के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे। इससे कंजम्प्शन बढ़ेगा। इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार बढ़ाने के लिए कंजम्प्शन बढ़ाना जरूरी है। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 5.4 फीसदी पर आ गई।

15 लाख रुपये तक की इनकम पर मिलेगी बड़ी राहत

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को सालाना 15 लाख रुपये तक की इनकम वाले टैक्सपेयर्स के लिए राहत का ऐलान कर सकती हैं। अभी इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम (Income Tax Old Regime) में सालाना 10 लाख रुपये से ज्यादा इनकम वाले लोगों पर सबसे ज्यादा 30 फीसदी टैक्स का स्लैब लागू होता है। इनकम टैक्स की नई रीजीम में सालाना 15 लाख रुपये से ज्यादा इनकम पर सबसे ज्यादा 30 फीसदी टैक्स का स्लैब लागू होता है।


बजट 2020 में हुई थी नई रीजीम की शुरुआत

सवाल है कि क्या वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण सिर्फ नई रीजीम के टैक्सपेयर्स के लिए राहत का ऐलान करेंगी? टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार ने इनकम टैक्स की नई रीजीम को यूनियन बजट 2020 में पेश किया था। तब से सरकार लगातार नई रीजीम में टैक्सपेयर्स की दिलचस्पी बढ़ाने की कोशिश कर रही है। 23 जुलाई, 2024 को पेश यूनियन बजट में वित्तमंत्री ने नई रीजीम को अट्रैक्टिव बनाने के लिए बड़े ऐलान किए थे। उन्होंने नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन भी बढ़ा दिया था। ऐसे में इस बात की ज्यादा संभावना है कि सरकार नई रीजीम का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स के लिए ज्यादा राहत का ऐलान कर सकती हैं।

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सिर्फ पुरानी रीजीम में डिडक्शन का फायदा

कुछ टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि अब भी बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें नौकरी करने वाले लोगों की संख्या ज्यादा है। इसके अलावा होम लोन लेने वाले लोग भी पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि इसमें होम लोन के इंटरेस्ट पर सालाना 2 लाख रुपये तक डिडक्शन मिलता है। इसके अलावा होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट पर भी डिडक्शन मिलता है। इसलिए सरकार पुरानी रीजीम के टैक्सपेयर्स को भी राहत देंगी। तभी कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए टैक्स में राहत देने का असल मकसद पूरा होगा। जीडीपी ग्रोथ तभी बढ़ेगी, जब कंजम्प्शन बढ़ेगा।

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