यूनियन बजट 2026 में आयुष्मान भारत योजना पर सरकार का फोकस बढ़ने की उम्मीद है। केंद्र सरकार की इस फ्लैगशिप हेल्थकेयर प्रोग्राम का ऐलोकेशन 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा रह सकता है। मनीकंट्रोल के एनालिसिस से पता चला है कि इस स्कीम पर होने वाला एक्चुअल खर्च ज्यादातर सालों में बजट में तय अनुमान से ज्यादा रहा है। इस वजह से सरकार को हर अगले साल के बजट में इस स्कीम के लिए ऐलोकेशन बढ़ाना पड़ा है।
FY24 से लगातार बढ़ा है ऐलोकेशन
FY19 में आयुष्मान भारत योजना पर वास्तविक खर्च 1,998 करोड़ रुपये था। FY24 में यह बढ़कर 6,671 करोड़ रुपये हो गया है। यह तीन गुना से ज्यादा वृद्धि है। योजना का बजट करीब चार सालों तक 6,400 करोड़ रुपये रहने के बाद FY24 में सरकार ने इस योजना का ऐलोकेशन बढ़ाकर 7,200 करोड़ रुपये किया। FY25 में ऐलोकेशन बढ़ाकर 7,300 करोड़ रुपये किया गया। FY26 के लिए सरकार ने इस स्कीम के लिए 9,406 करोड़ रुपये का ऐलोकेशन किया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस वित्त वर्ष के दौरान इस स्कीम पर वास्तविक खर्च 10,000 करोड़ रुपये पार कर सकता है।
फंड यूटिलाइजेशन में असमानता
आयुष्मान भारत योजना पर खर्च में हर साल इजाफा देखने को मिला है। लेकिन, फंड का यूटिलाइजेशन एक समान नहीं रहा है। तमिलनाडु इस योजना के इस्तेमाल में सबसे ऊपर है। इस राज्य में हॉस्पिटलाइजेशन जारी किए गए आयुष्मान कार्ड की संख्या से ज्यादा रही है। इससे कार्ड के बार-बार इस्तेमाल का संकेत मिलता है। राज्य में यूटिलाइजेशन रेट 129 फीसदी रहा है।
उत्तर भारत के राज्यों में यूटिलाइजेशन कमजोर
केरल और कर्नाटक में भी आयुष्मान भारत योजना का यूटिलाइजेशन रेट ज्यादा रहा है। इससे दोनों राज्यों में स्ट्रॉन्ग हॉस्पिटल इंपैनलमेंट और क्लेम प्रोसेसिंग कपैसिटी का पता चलता है। दूसरी तरफ कई राज्यों में एक्चुअल हॉस्पिटलाजेशन कमजोर रहा है। इनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार शामिल है। इन तीनों राज्यों में 1.4 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान भारत कार्ड इश्यू किए गए हैं। लेकिन, यूटिलाइजेशन रेट 15 फीसदी से कम है। महाराष्ट्र में करीब 3.7 करोड़ कार्ड्स इश्यू किए गए हैं, जबकि यूटिलाइजेशन रेट सिर्फ 7.4 फीसदी रहा है।
FY27 के लिए 10000 करोड़ से ज्यादा ऐलोकेशन की उम्मीद
ओडिशा, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी यूटिलाइजेशन रेट कम रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार की इस हेल्थकेयर स्कीम को लेकर इन राज्यों में जागरूकता की कमी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस योजना की पहुंच धीर-धीरे बढ़ रही है। ऐसे में FY26 के लिए 9,406 करोड़ रुपये का ऐलोकेशन कम पड़ सकता है। इसका मतलब है कि सरकार यूनियन बजट 2026 में इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा ऐलोकेशन कर सकती है।
हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर
आयुष्मान भारत योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर हर परिवार को 5 लाख रुपये तक का सालाना हेल्थ कवर मिलता है। इस वित्त वर्ष से 70 साल से ऊपर के सभी लोगों को इस योजना के तहत लाया गया है। इसका मतलब है कि 70 साल से ज्यादा उम्र का कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से सक्षम है तो भी उसे योजना का लाभ मिलेगा।