Budget 2026 Expectations: ट्रेडर्स ने रखी अपनी डिमांड, वन नेशन–वन लाइसेंस–वन रजिस्ट्रेशन करने की मांग

Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर के ट्रेडर्स को काफी उम्मीदें हैं। इसी कड़ी में कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ट्रेडर्स कम्यूनिटी की ओर से कई अहम सुझाव भेजे हैं

अपडेटेड Jan 29, 2026 पर 3:36 PM
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Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर के ट्रेडर्स को काफी उम्मीदें हैं।

Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर के ट्रेडर्स को काफी उम्मीदें हैं। इसी कड़ी में कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को ट्रेडर्स कम्यूनिटी की ओर से कई अहम सुझाव भेजे हैं। CAIT का कहना है कि बजट ऐसा होना चाहिए जो सरकार के आत्मनिर्भर भारत के विजन को मजबूती दे।

CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि सरकार ने बीते सालों में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और लोकल फॉर ग्लोबल जैसे अभियानों से ट्रेडिंग का माहौल बेहतर किया है। अब जरूरत है कि बजट 2026 में इन पहलों को और मजबूत किया जाए, ताकि छोटे और मध्यम ट्रेडर्स को भी बराबर का फायदा मिल सके।

CAIT ने सबसे बड़ी मांग ट्रस्ट आधारित ट्रेडिंग सिस्टम लागू करने की रखी है। इसके तहत छोटे ट्रेडर्स के लिए सिंगल विंडो कंप्लायंस सिस्टम, अनावश्यक नोटिस और बार-बार होने वाले निरीक्षणों पर रोक तथा ट्रेडिंग से जुड़े कानूनों को अपराध मुक्त डिक्रिमिनलाइजेशन करने की मांग की गई है। साथ ही हर जिले में अधिकारियों और ट्रेडर्स की संयुक्त समिति बनाने का सुझाव दिया गया है, ताकि स्थानीय स्तर पर ही समस्याओं का समाधान हो सके।


ट्रेडिंग को आसान बनाने के लिए CAIT ने वन नेशन–वन लाइसेंस–वन रजिस्ट्रेशन सिस्टम लागू करने की मांग की है। सभी ट्रेडिंग लाइसेंस एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से जारी हों और उनका ऑटो-रिन्यूअल हो, ताकि ट्रेडर्स को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाने के लिए CAIT ने पारंपरिक ट्रेडर्स के लिए टेक्नोलॉजी एडॉप्शन इंसेंटिव स्कीम, डिजिटल उपकरणों पर सब्सिडी और टैक्स छूट तथा डिजिटल दुकान मिशन शुरू करने का सुझाव दिया है। इससे छोटे दुकानदार भी आधुनिक तकनीक से जुड़ सकेंगे।

ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स को लेकर CAIT ने चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि भारी डिस्काउंटिंग, प्रीडेटरी प्राइसिंग और विदेशी फंडिंग से छोटे रिटेल ट्रेडर्स को नुकसान हो रहा है। इसलिए इन कंपनियों के लिए समान नियम, सख्त निगरानी और फेयर ट्रेड कोड लागू किया जाना चाहिए।

CAIT ने ईमानदार टैक्सपेयर्स को राहत देने के लिए टैक्सपेयर रेटिंग सिस्टम, कम स्क्रूटनी, फास्ट ट्रैक रिफंड और सस्ते लोन की सुविधा देने की भी मांग की है। साथ ही ट्रेडर्स और उनके कर्मचारियों के लिए नेशनल ट्रेडर्स स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करने का सुझाव दिया गया है, जिसमें डिजिटल स्किल्स, अकाउंटिंग और साइबर सुरक्षा शामिल हों। इसके अलावा छोटे ट्रेडर्स के लिए पेंशन और बीमा सुरक्षा मजबूत करने, साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए विशेष फंड बनाने और एमएसएमई के लिए अलग ट्रेड फाइनेंस पॉलिसी लाने की मांग भी की गई है।

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