Budget 2026 Expectations : FY27 के लिए फिस्कल डेफिसिट का टारगेट 4.2% रहने की उम्मीद, कंजम्पशन और इंडस्ट्रियल आउटपुट बढ़ाने पर होगा फोकस

Budget 2026 Expectations : इस बार के बजट में भी रोजगार गारंटी योजनाओं और खाद्य/उर्वरक सब्सिडी के रूप में ग्रामीण खपत बढ़ाने पर फोकस जारी रहने की संभावना है

अपडेटेड Jan 25, 2026 पर 2:25 PM
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Budget 2026 Expectations : उम्मीद है कि पावर,रिन्यूएबल्स एनर्जी,आवास और शहरी विकास जैसे सेक्टरों के लिए आवंटन में काफी बढ़ोतरी हो सकती है

अश्विनी शामी (Ashwini Shami)

Budget 2026 Expectations : अपने अमृत काल विज़न को आगे बढ़ाते हुए,सरकार ने पिछले एक दशक में हर बजट में कैपिटल खर्च के लिए बड़े पैमाने पर पैसे आवंटित करते हुए फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर दोनों को बेहतर बनाने परफोकस किया है। हमने इसे भारत को एक विकसित अर्थव्यवस्था में बदलने के अमृत काल विज़न के पहले चरण के तौर पर देखा है।

हालांकि, अभी इसका फ़ेज़-I चल रहा है। लेकिन अब सरकार का फोकस फ़ेज़-II पर चला गया है। इसमें बड़े पैमाने पर इंडस्ट्रियलाइज़ेशन और मैन्युफैक्चर्ड सामानों और सर्विसेज़ के एक्सपोर्ट को बढ़ाकर इकोनॉमिक आउटपुट बढ़ाना शामिल है। एंटरप्रेन्योरशिप को सपोर्ट करना,एक इनोवेशन इकोसिस्टम बनाना,सनराइज़ सेक्टर्स पर फोकस करना और वर्कफ़ोर्स की स्किल्स को बेहतर बनाना,ये कुछ ऐसे एलिमेंट्स हैं जिन पर फ़ेज़-II के तहत ध्यान दिया जा रहा है।


कंजम्पशन और इंडस्ट्रियल आउटपुट बढ़ाने पर जारी रहेगा फोकस

हमें उम्मीद है कि FY27 का बजट पिछले बजट के दो अहम पहलुओं पर फोकस जारी रखेगा। ये कंजम्पशन को सपोर्ट करना और इंडस्ट्रियल आउटपुट बढ़ाना। हालांकि हमें पर्सनल टैक्स में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है,लेकिन हायर बेसिक छूट लिमिट या टैक्स स्लैब में छोटे-मोटे बदलाव के रूप में कुछ राहत मिल सकती है। रोजगार गारंटी योजनाओं और फूड/उर्वरक सब्सिडी के रूप में ग्रामीण कंजम्पशन बढ़ाने पर फोकस जारी रहने की संभावना है।

परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं का विस्तार संभव

आगामी बजट में परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजनाओं को जारी रखने की उम्मीद है। सरकार इन योजनाओं का विस्तार सेमीकंडक्टर,मोबाइल,डिस्प्ले यूनिट और क्लीन-टेक गुड्स जैसे EV, बैटरी स्टोरेज सिस्टम,रिन्यूएबल्स (सोलर पैनल, विंड टर्बाइन)और ग्रीन हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलाइज़र के लिए भी कर सकती है।

डीप टेक और सनराइज़ सेक्टर्स के लिए बढ़ सकता है आवंटन

हमें पिछले बजट में शुरू किए गए नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन के बारे में और ज़्यादा डिटेल्स मिलने की भी उम्मीद है। बता दें कि डीप टेक और सनराइज़ सेक्टर्स को सपोर्ट करने के लिए पिछले साल नवंबर महीने में 1 लाख करोड़ रुपये के टारगेट कॉर्पस के साथ एक रिसर्च,डेवलपमेंट और इनोवेशन (RDI) फंड लॉन्च किया गया था। इसके लिए पिछले बजट में 20,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे। आगामी बजट में इस आवंटन में बढ़त देखने को मिल सकता है।

लेबर-इंटेंसिव और टैरिफ से प्रभावित सेक्टर और इंडस्ट्रीज़ के लिए राहत की उम्मीद

हमें टेक्सटाइल,लेदर और खिलौना बनाने जैसे लेबर-इंटेंसिव और टैरिफ से प्रभावित सेक्टर और इंडस्ट्रीज़ के लिए कुछ राहत की भी उम्मीद है। साथ ही मौजूदा भू-राजनीतिक ट्रेड तनाव में मज़बूत हथियार बन कर उभरे क्रिटिकल रेयर-अर्थ मिनरल्स के लिए भी नई पहलों की संभावना है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस को बढ़ावा देने के लिए कैपिटल खर्च बढ़ाने पर सरकार का बड़ा फोकस रहा है। पिछले 10 सालों में कुल कैपेक्स में चार गुना बढ़त देखने को मिली है। इस अवधि में यह खर्च 3.8 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 15.5 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

बजट में पावर,रिन्यूएबल्स एनर्जी,आवास और शहरी विकास जैसे सेक्टरों के लिए बढ़ सकता है आवंटन

सरकार का मुख्य फोकस सड़कों,रेलवे और डिफेंस पर रहा है,जिसने पिछले पांच सालों में कुल कैपिटल खर्च का दो-तिहाई से ज़्यादा हिस्सा गया है। हालांकि इन आवंटनों में हमें कोई और बढ़ोतरी होने की उम्मीद नहीं है। लेकिन हमें उम्मीद है कि सरकार इन तीनों मदों के तहत 7 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा का आवंटन कर सकती। हमें उम्मीद है कि पावर,रिन्यूएबल्स एनर्जी,आवास और शहरी विकास जैसे सेक्टरों के लिए आवंटन में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

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वित्त वर्ष 2027 के लिए 4.2% हो सकता है फिस्कल डेफिसिट टारगेट

हमें उम्मीद है कि रेवेन्यू खर्च पिछले कई सालों से अपनाए जा रहे कंजर्वेटिव अप्रोच के हिसाब से कंट्रोल में रहेगा। ब्याज भुगतान को छोड़कर,रेवेन्यू खर्च में पिछले साल कमी आई थी। पिछले पांच सालों (FY21–FY26 BE) में यह सिर्फ़ 0.6% की सालाना दर से बढ़ा है। यह इसी अवधि की टैक्स/नॉन-टैक्स रिसिप्ट्स की 15.9% सालाना ग्रोथ और कैपिटल खर्च की 18.7% सालाना ग्रोथ से काफी कम है।

सरकार इकॉनमी के लिए जो भी फाइनेंशियल मदद दे रही है, उसके बावजूद वह GDP के 4.4% के फिस्कल डेफिसिट टारगेट को हासिल कर सकती है, या उससे बेहतर कर सकती है। हमें उम्मीद है कि सरकार FY27 के लिए 4.2% का फिस्कल डेफिसिट टारगेट तय करेगी।

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अश्विनी शामी (Ashwini Shami)एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (EVP) और पोर्टफोलियो मैनेजर होने के साथ-साथ ओमनीसाइंस कैपिटल के को-फाउंडर भी हैं। उन्हें फाइनेंशियल सर्विसेज़ इंडस्ट्री में दो दशक से ज़्यादा का अनुभव है। उन्होंने IIT बॉम्बे से M.Tech और IIM लखनऊ और टूलूज़ बिजनेस स्कूल, फ्रांस से MBA किया है।

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