Budget 2026 Expectations: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देश के अलग-अलग सेक्टरों में उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। एक ओर जहां इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स सेक्टर तेज विकास की राह देख रहा है, वहीं दूसरी ओर हेल्थकेयर, शिक्षा, टेक्नोलॉजी और रिटायरमेंट प्लानिंग जैसे एरिया में नीतिगत प्लानिंग की उम्मीद कर रहे हैं।
रिटायरमेंट और पेंशन प्लानिंग को लेकर पीबी फिनटेक के जॉइंट ग्रुप सीईओ सरबवीर सिंह का कहना है कि भारत तेजी से बुजुर्ग आबादी वाला देश बन रहा है। भारत का जनसांख्यिकीय बदलाव अब भविष्य की चुनौती नहीं, बल्कि आज की सच्चाई बन चुका है। देश में इस समय 60 साल से अधिक उम्र के लोगों की संख्या 14 करोड़ से ज्यादा है, जो कुल आबादी का लगभग 10 प्रतिशत है। अनुमान है कि 2047 तक यह आंकड़ा लगभग दोगुना हो जाएगा और तब हर पांच में से एक भारतीय 60 साल से ऊपर की उम्र का होगा। ऐसे में NPS जैसे पेंशन प्रोडक्ट को नए टैक्स रिजीम में भी प्रोत्साहन देना जरूरी है, ताकि लोग रिटायरमेंट के बाद आत्मनिर्भर रह सकें।
पेंट्स और कोटिंग इंडस्ट्री की बात करें तो शालीमार पेंट्स के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ कुलदीप रैना मानते हैं कि सरकार की ओर से हाउसिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग पर लगातार फोकस ने इस सेक्टर को मजबूती दी है। बजट 2026 में टियर-2 और टियर-3 शहरों में रियल एस्टेट को बढ़ावा मिलने से इंटीरियर और एक्सटीरियर पेंट्स की मांग बढ़ सकती है। साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेक्स बढ़ने से इंडस्ट्रियल और प्रोटेक्टिव कोटिंग्स की खपत भी तेज होने की उम्मीद है। उनका मानना है कि कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी और टैक्स को तर्कसंगत किया गया तो आरएंडडी और मैन्युफैक्चरिंग निवेश को बड़ा सहारा मिलेगा।
डिजिटल एसेट्स और क्रिप्टो सेक्टर की बात करें तो कॉइनस्विच के को-फाउंडर आशीष सिंघल का मानना है कि मौजूदा टैक्स ढांचा छोटे निवेशकों के लिए चुनौती बना हुआ है। टीडीएस में कटौती और इसकी सीमा बढ़ाने से न सिर्फ लिक्विडिटी बढ़ेगी बल्कि ट्रांजैक्शन पारदर्शिता भी बेहतर होगी। उनका मानना है कि अब जब निगरानी और अनुपालन मजबूत हो चुका है, तो बजट 2026 टैक्स ढांचे की समीक्षा का सही मौका है।
हेल्थकेयर सेक्टर में डॉ बत्रा हेल्थकेयर के फाउंडर-चेयरमैन एमेरिटस डॉ मुकेश बतरा का कहना है कि आर्थिक सर्वेक्षण ने मजबूत आधार दिया है। अब जरूरत है कि बजट 2026 में प्रिवेंटिव और पर्सनलाइज्ड केयर पर फोकस बढ़ाया जाए। आयुष, होम्योपैथी और वैकल्पिक चिकित्सा के लिए रिसर्च और रेगुलेटरी सपोर्ट से न सिर्फ भरोसा बढ़ेगा बल्कि लंबे समय में हेल्थकेयर खर्च भी घटेगा।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर में ब्लू डार्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर बालफोर मैनुअल का कहना है कि पीएम गति शक्ति के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इंटीग्रेशन को और मजबूत किया जाना चाहिए। एयरपोर्ट, कार्गो और रीजनल कनेक्टिविटी में निवेश से एक्सप्रेस लॉजिस्टिक्स और एमएसएमई को सीधा फायदा मिलेगा।
शिक्षा क्षेत्र में इंडियन स्कूल ऑफ हॉस्पिटैलिटी के एमडी और को-फाउंडर कुनाल वासुदेव मानते हैं कि भारत की असली चुनौती नीति नहीं, बल्कि क्रियान्वयन है। बजट 2026 में प्राथमिक शिक्षा और ग्रामीण क्षेत्रों में एआई आधारित टूल्स पर निवेश से लंबे समय में बदलाव संभव है। वहीं, लांसर आर्मी स्कूल्स की प्रिंसिपल प्रीति राजीव नायर का कहना है कि फैकल्टी ट्रेनिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस से ही शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।