पिछले साल अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ऑटो इंडस्ट्री का प्रदर्शन अच्छा रहा। इसमें जीएसटी में कमी, फेस्टिव डिमांड और ग्रामीण इलाकों में कंजम्प्शन बढ़ने का हाथ था। अब ऑटो इंडस्ट्री की नजरें यूनियन बजट 2026 पर लगी हैं। अगर सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए बड़े ऐलान करती है तो इससे ऑटो इंडस्ट्री को मजबूती मिलेगी।
GST 2.0 लागू होने से ईवी और आईसीई की कीमतों के बीच फर्क घटा है
EY India के पार्टनर सौरभ अग्रवाल ने कहा कि जीएसटी 2.0 लागू होने से पेट्रोल-डीजल (ICE) गाड़ियों की सेल्स बढ़ी है। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स खरीदने में भी लोग दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सरकार अगर पॉलिसी के मामले में बड़े ऐलान करती है तो इससे आईसीई और ईवी दोनों की सेल्स बढ़ेगी। उन्होने कहा, "ईवी पर 5 फीसदी जीएसटी लगता है। लेकिन, जीएसटी 2.0 लागू होने के बाद आईसीई और ईवी की कीमतों के बीच फर्क घटा है।"
ईवी व्हीकल्स पर जीएसटी के मामले में एडवांटेज जारी रहना चाहिए
उन्होंने कहा कि अब ईवी के मामले में जीएसटी के एडवांटेज को बनाए रखना जरूरी है। यह एडवांटेज चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, चार्जिंग सर्विसेज और बैटरी स्वैपिंग में भी होना चाहिए। इससे ईवी खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि पीएम ई-ड्राइव स्कीम तहत डिमांड इनसेंटिव का फोकस उन सेगमेंट्स पर होना चाहिए, जहां इलेक्ट्रिफिकेशन का फायदा सबसे ज्यादा मिलता है। इनमें पब्लिक ट्रांसपोर्ट, शेयर्ड मोबिलिटी, कमर्शियल फ्लीट्स और लास्ट-माइल डिलीवरी शामिल हैं। 20230 तक ईवी का इस्तेमाल 30 फीसदी तक पहुंचाने के लिए इन क्षेत्रों में ईवी का इस्तेमाल बढ़ाना जरूरी है।
यूनियन बजट 2025 में बैटरी कंपोनेंट्स पर ड्यूटी हटाई गई थी
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने Union Budget 2025 में ईवी बैटरी के 35 कंपोनेंट्स और महत्वपूर्ण मिनरल्स पर इंपोर्ट ड्यूटी हटाई थीं। देश में ईवी व्हीकल्स की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ऑटो पीएलआई स्कीम के तहत 2,819 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया था। ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए पीएम ई-ड्राइव स्कीम के लिए 4,500 करोड़ रुपये का ऐलोकेशन किया गया था। लाइटवेट मिनरल्स, एडवान्स्ड कंपोनेंट्स और ईवी सेफ्टी टेक्नोलॉजीज में आरएंडी को सपोर्ट का ऐलान किया गया था।
ईवी कंपोनेट्स की देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के उपाय
ऑटो इंडस्ट्री को उम्मीद है कि सरकार यूनियन बजट में जीएसटी के मामले में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के लिए एडवांटेज बनाए रखने के उपाय करेगी। पीएम ई-ड्राइव के तहत ईवी इनसेंटिव जारी रखेगी। महत्वपूर्ण बैटरी कंपोनेंट्स को ड्यूटी से छूट जारी रखेगी। सरकार ईवी कंपोनेंट्स के देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए उपायों का ऐलान करेगी। रेयर अर्थ मैगनेट का उत्पादन देश में बढ़ाने के उपायों का ऐलान भी बजट में हो सकता है।