Manufacturing Sector Budget-2026 Expectations : बजट में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिल सकता है। दरअसल इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए IT मंत्रालय ने स्कीम के लिए आवंटन बढाने की मांग की है। इस स्कीम के लिए सरकार ने 22,000 करोड़ की स्कीम को मंजूरी दी थी। इस पर ज्यादा डिटेल्स के साथ सीएनबीसी-आवाज़ केअसीम मनचंदा ने बताया कि बजट में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा बूस्ट मिल सकता है। IT मंत्रालय ने स्कीम के लिए आवंटन बढाने की मांग की है। इसको ध्यान में रखते हुए स्कीम के लिए आवंटित राशि दोगुनी हो सकती है।
इस स्कीम को मार्च 2025 में 6 सालों के लिए मिली थी मंजूरी
मार्च 2025 में केंद्रीय कैबिनेट ने इस योजना को 22,919 करोड़ रुपए के बजट के साथ 6 सालों के लिए मंजूरी दी थी। इस स्कीम का उद्देश्य-भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना, घरेलू मूल्य संवर्धन (DAV) बढ़ाना और भारतीय कंपनियों को ग्लोबल वैल्यू चेन (GVC) से जोड़ना है। स्कीम को कंपनियों से बंपर रिस्पॉन्स मिला है। अब तक सरकार ने 46 कंपनियों को मंजूरी दी है। सरकार को 1.15 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रस्ताव मिले हैं। सरकार का लक्ष्य 59,000 करोड़ रुपए के उत्पादन का है।
जनवरी की शुरुआत में 22 नए प्रस्तावों को मिली थी मंजूरी
बताते चले की जनवरी की शुरुआत में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट देने के लिए सरकार ने ECMS के तहत 22 नए प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। डिक्सन, मदरसन, हिंडाल्को और BPL जैसी कंपनियों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी।