वित्त मंत्रालय पिछले साल नॉर्थ ब्लॉक से कर्तव्य भवन में शिफ्ट हो गया था। लेकिन, यूनियन बजट 2026 की फाइनल कॉपीज की प्रिंटिंग नॉर्थ ब्लॉक के प्रिंटिंग प्रेस में ही होगी। इंडियन एक्सप्रेस ने यह खबर दी है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करेंगी। वह लगातार 9वीं बार बजट पेश करेंगी।
नई बिल्डिंग के प्रिंटिंग प्रेस के इस्तेमाल में अभी कुछ दिक्कत
नई बिल्डिंग में अभी प्रेस के इस्तेमाल में कुछ दिक्कतें हैं, जिससे बजट डॉक्युमेंट्स की प्रिंटिंग के लिए इस बार नॉर्थ ब्लॉक के पुराने प्रिंटिंग प्रेस का इस्तेमाल होगा। एक अधिकारी ने आईई को बताया, "सीनियर अफसरों ने लोकेशन से जुड़ी दिक्कत को देखते हुए कई बार नॉर्थ ब्लॉक आ चुके हैं। पूरा कामकाज कर्तव्य भवन शिफ्ट करने में कुछ दिक्कतें हैं। इसलिए अब खाली हो चुके नॉर्थ ब्लॉक के प्रेस में ही बजट डॉक्युमेंट्स प्रिंट होंगे।"
नई बिल्डिंग में प्रिंटिंग मशीनों की जांच और ट्रायल चल रहा
फाइनेंस मिनिस्ट्री के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों के मुताबिक, नई मशीनें खरीदी जा चुकी हैं और कर्तव्य भवन में लगाई भी जा चुकी हैं। सूत्रों ने कहा, "मशीनों की जांच चल रही हैं और ट्रायल प्रिंटिंग भी हो रही है। लेकिन, बजट डॉक्युमेंट्स की प्रिंटिंग के प्रोसेस में कई मंत्रालय, डिपार्टमेंट्स और स्टाफ शामिल होते हैं और यह काम तय सम के अंदर पूरा करना होता है। इसलिए सावधानी के लिए बजट डॉक्युमेंट्स की प्रिंटिंग नॉर्थ ब्लॉक में ही करने का फैसला लिया गया है।"
प्रिंटिंग से पहले इस बार भी होगा हलवा सेरेमनी का आयोजन
बजट डॉक्युमेंट्स की प्रिंटिंग से पहले हर साल की तरह इस साल भी हलवा सेरेमनी का आयोजन होगा। इसके बाद बजट तैयार करने से जुड़े अधिकारी और स्टाफ के कहीं आने-जाने पर रोक लग जाएगी। वे मोबाइल फोन का भी इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। आईए के मुताबिक, यूनियन बजट पेश होने तक करीब 60 लोगों को लॉक-इन में रहना होगा। इस दौरान उन्हें अपने परिवार के सदस्यों से भी मिलने की इजाजत नहीं होगी।
अब अधिकारियों और स्टाफ का लॉक-इन पीरियड घटा
कोविड के फेज के बाद बजट तैयार करने से जुड़े अधिकारियों का लॉक-इन पीरियड घटा दिया गया है। पहले यह 10-12 दिन का होता था। अब इसे घटाकर सिर्फ एक हफ्ता कर दिया गया है। इसकी वजह यह है कि बजट डॉक्युमेंट्स की हार्ड कॉपीज की प्रिंटिंग अब कम संख्या में होती है। सरकार का फोकस बजट डॉक्युमेंट्स के ऑनलाइन और डिजिटल डिस्ट्रिब्यूशन पर है। सरकार ने इसके लिए अलग ऐप भी बनाया है।