रेटिंग एजेंसी ICRA ने अपनी प्री-बजट उम्मीदों में कहा है कि सरकार अगले वित्त वर्ष यानि कि 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य GDP का 4.3 प्रतिशत रख सकती है। साथ ही पूंजीगत खर्च डबल डिजिट में बढ़ सकता है। ICRA का अनुमान है कि मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में नेट टैक्स रेवेन्यू में 1.3 लाख करोड़ रुपये की कमी आएगी। नॉन-टैक्स रिसीप्ट 2025-26 के बजट लक्ष्य से 80,000 करोड़ रुपये ज्यादा की रहेंगी। अगर आय में कमी की भरपाई खर्च में बचत से कर ली गई तो वित्त वर्ष 2026 में फिस्कल स्लिपेज की संभावना नहीं है।
