नीतिगत निरंतरता, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इकोसिस्टम को मजबूत करना ऑटोमोबाइल क्षेत्र की रफ्तार बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। आगामी बजट में इन चीजों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। यह बात स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पीयूष अरोड़ा ने कही है। स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया भारत में स्कोडा, फॉक्सवैगन, ऑडी, बेंटले, लैंबॉर्गिनी और पोर्श जैसे 6 ब्रांड्स के ऑपरेशंस देखती है। समूह ने ग्लोबल इंटीग्रेशन को सपोर्ट करने के लिए सीमा शुल्क सुधारों और द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के महत्व पर भी जोर दिया।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अरोड़ा का कहना है कि पिछले साल पेश किए गए GST सुधारों से घरेलू पैसेंजर व्हीकल्स इंडस्ट्री बेहतर बनी है। अगर आगामी बजट में EV के मामले में कुछ महत्वपूर्ण ड्यूटीज से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जाता है, तो इससे मदद मिलेगी। ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए नीतिगत निरंतरता के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और ईवी इकोसिस्टम के निर्माण पर और अधिक ध्यान दिया जाना बेहद जरूरी है।
अरोड़ा ने कहा कि सीमा शुल्क सुधारों से मल्टीनेशनल कंपनियों को निर्यात और आयात दोनों को मैनेज करने में मदद मिलेगी। रेगुलेटरी मसलों पर उन्होंने कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी (CAFE) के नए मानदंडों के फाइनल नोटिफिकेशन में देरी की ओर इशारा किया। कहा कि एक स्पष्ट रूपरेखा और विभिन्न टेक्नोलोजिज के बीच एकरूपता एक स्वागत योग्य कदम होगा। बजट 2026 को 1 फरवरी को पेश किया जाना है।
भारत-EU ट्रेड डील खोल सकती है नए दरवाजे
भारत-यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर अरोड़ा ने कहा कि इससे समूह के ब्रांड्स के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। द्विपक्षीय व्यापार समझौते प्रोडक्ट्स और टेक्नोलोजिज को संबंधित बाजार में तेजी से लाने में मदद करते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समूह की मुख्य रणनीति भारत में ही स्थानीय स्तर पर उत्पादों का विकास और निर्यात करना है। कंपनी भारतीय उपभोक्ताओं के लिए उनकी जरूरत के हिसाब से प्रोडक्ट बनाना जारी रखेगी।
अरोड़ा ने कहा कि स्कोडा ब्रांड ने पिछले साल दुनिया भर में रिकॉर्ड 10 लाख कारें बेचीं। भारत, जर्मनी, चेक रिपब्लिक और यूके इसके मुख्य बाजारों में शामिल हैं। इलेक्ट्रिफिकेशन एक फोकस एरिया बना हुआ है, क्योंकि भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की पहुंच का स्तर अभी भी कम है।