Budget 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 जनवरी को अपनी सरकार के फोकस के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि नारी शक्ति और महिला सशक्तिकरण पर उनकी सरकार का सबसे ज्यादा फोकस होगा। संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरकार का दूसरा फोकस रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म पर होगा। 1 फरवरी को यूनियन बजट 2025 पेश होने से पहले प्रधानमंत्री के इस बयान को काफी अहम माना जा रहा है।
महिलाओं पर बढ़ा राजनीतिक दलों का फोकस
हाल में महिलाओं पर सभी राजनीतिक दलों का फोकस बढ़ा है। उन्हें बड़े वोट बैंक के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि महिला मतदाताओं के पास चुनाव के नतीजों को बदलने की क्षमता है। इसलिए करीब सभी राजनीतिक दल अपने घोषणापत्रों में महिलाओं के हितों पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। वे महिलाओं के लिए नई स्कीमें भी लॉन्च कर रहे हैं। हाल में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और इससे पहले मई में लोकसभा चुनाव इसके उदाहरण हैं।
बजट सत्र नई ऊर्जा देने का काम करेगा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बजट सत्र 'विकसित भारत' के लक्ष्य को पूरा करने के मामले में नई ऊर्जा और भरोसा देने का काम करेगा। उन्होंने कहा, "मैं देवी लक्ष्मी से प्रार्थना करता हूं कि वह गरीब, मध्यम वर्ग को अपना आशीर्वाद प्रदान करें। इनक्लूजन, इनोवेशन और निवेश आर्थिक गतिविधियों के हमारे रोडमैप का आधार बनें।" बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी को हुई है। बजट सत्र के दूसरे दिन 1 फरवरी को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में यूनियन बजट पेश करेंगी।
हंगामेदार रह सकता है संसद का बजट सत्र
बजट सत्र में सरकार और विपक्ष में टकराव दिख सकता है। विपक्षी पार्टियां प्रयागराज में महांकुभ में कथित कुप्रबंधन पर संसद मे चर्चा की मांग कर रही है। 29 जनवरी को महाकुंभ में भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। संसद के इस सत्र में सरकार ने 16 विधेयक पेश करने का प्लान बनाया है। बजट सत्र का पहला चरण 31 जनवरी से लेकर 13 फरवरी तक होगा। दूसरा सत्र 10 मार्च को शुरू होगा और 4 अप्रैल को खत्म होगा।
सरकार संसद सत्र में ये बिल पेश करेगी
सरकार बजट सत्र के दौरान संसद में वक्फ (अमेंडमेंट) बिल, बैंकिंग लॉज (अमेंडमेंट) बिल, रेलवेज (अमेंडमेंड) बिल, डिजास्टर मैनेजमेंट (अमेंडमेंट) बिल और इमिग्रेशन एंड फॉरनर्स बिल सहित कुल 16 बिल पेश करेगी। सरकार की कोशिश ससंद सत्र का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने की होगी। इसके लिए लोकसभा और राज्यसभा का कामकाज शांतिपूर्ण तरीके से चलना जरूरी है। उधर, राष्ट्रीय महत्व के कई मसलों पर सरकार को घरेने की कोशिश करेगा।