Union Budget 2025: सरकार कृषि क्षेत्र के लिए खोलेगी खजाना, निर्मला सीतारमण करेंगी 1.75 लाख करोड़ का आवंटन

कृषि क्षेत्र के लिए बढ़ने वाले आवंटन के ज्यादातर हिस्से का इस्तेमाल ज्यादा उपज वाले बीज तैयार करने, भंडारण क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर होगा। सरकार दलहन, तिलहन, सब्जियों और डेयरी प्रोडक्ट्स का उत्पादन भी बढ़ाना चाहती है

अपडेटेड Jan 24, 2025 पर 10:08 AM
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सरकार कृषि कर्ज की सीमा 300000 रुपये से बढ़ाकर 500000 रुपये करना चाहती है।

सरकार कृषि क्षेत्र के लिए अपना खजाना खोलने जा रही है। इसका ऐलान 1 फरवरी को होगा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण यूनियन बजट में कृषि क्षेत्र के लिए एलोकेशन करीब 15 फीसदी तक बढ़ा सकती हैं। दो सरकारी सूत्रों ने यह जानकारी दी है। यह बीते छह साल में कृषि क्षेत्र के आवंटन में सबसे ज्यादा वृद्धि होगी। सरकार का फोकस ग्रामीण इलाकों में लोगों की इनकम बढ़ाने पर है। सरकार ने पिछले साल यूनियन बजट में कृषि और कृषि से संबंधित गतिविधियों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया था।

ज्यादा उपज वाले बीज तैयार करने पर बढ़ेगा फोकस

कृषि क्षेत्र (Agri Sector) के लिए बढ़ने वाले आवंटन के ज्यादातर हिस्से का इस्तेमाल ज्यादा उपज वाले बीज तैयार करने, भंडारण क्षमता बढ़ाने और ग्रामीण इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर होगा। सूत्रों ने बताया कि सरकार दलहन, तिलहन, सब्जियों और डेयरी प्रोडक्ट्स का उत्पादन भी बढ़ाना चाहती है। सूत्रों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए पूछे गए सवालों के जवाब वित्त मंत्रालय और कृषि मंत्रालय ने नहीं दिए।


फूड की कीमतें बढ़ने से रोकने के उपाय

इंडिया चावल, गेहूं और चीनी के उत्पादन के मामले में दुनिया में दूसरे पायदान पर है। इसके बावजूद फूड की कीमतें काफी बढ़ी हैं। इससे आम लोगों खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कीमतों को बढ़ने से रोकने के लिए सरकार ने गेहूं सहित कुछ कृषि उत्पादों के निर्यात पर अंकुश लगाया है। दालों की कुछ किस्मों के ड्यूटी फ्री इंपोर्ट की अवधि बढ़ाई गई है।

1.75 लाख करोड़ रुपये का हो सकता है आवंटन

बजट के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फवरी को कृषि और कृषि से संबंधित गतिविधियों के लिए करीब 1.75 लाख करोड़ रुपये का आवंटन कर सकती हैं। यह FY25 के आवंटन से काफी ज्यादा होगा। सरकार कृषि मंत्रालय के आवंटन को भी बढ़ाना चाहती है। सरकार चाहती है कि बढ़े हुए आवंटन का इस्तेमाल बीजों की नई किस्में विकसित करने के लिए रिसर्च पर किया जाए। अभी रिसर्च पर 9,941 करोड़ रुपये का खर्च हो रहा है।

2030 तक 80 अरब डॉलर एक्सपोर्ट का लक्ष्य

दूसरे सूत्र ने बताया कि सरकार का फोकस कृषि उत्पादों की घरेलू सप्लाई बढ़ाने के साथ ही इनका एक्सपोर्ट बढ़ाने पर है। अभी इंडिया 50 अरब डॉलर के एग्री प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करता है। सरकार इसे बढ़ाकर 2030 तक 80 अरब डॉलर करना चाहती है। एग्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर ग्रामीण इलाकों में लोगों की इनकम बढ़ती है तो इसका पॉजिटिव असर इकोनॉमी पर पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि आज भी इंडिया के वर्कफोर्स का करीब 45 फीसदी हिस्सा रोजीरोटी के लिए कृषि पर निर्भर है।

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कृषि कर्ज की सीमा भी बढ़ेगी

सरकार कृषि कर्ज की सीमा 300000 रुपये से बढ़ाकर 500000 रुपये करना चाहती है। फसल बीमा का दायरा भी बढ़ सकता है। वित्तमंत्री यह ऐलान 1 फरवरी को यूनियन बजट में कर सकती हैं। अभी सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए बैंकों के माध्यम से यह कर्ज देती है।

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