बीते एक साल में कंजम्प्शन कंपनियों के स्टॉक्स में गिरावट आई है। इसकी बड़ी वजह इन कंपनियों की कमजोर अर्निंग्स ग्रोथ है। यह घटकर सिंगल डिजिट में आ गई है। कोविड के बाद सरकार सरकार ने अपना खर्च बढ़ाने के साथ ही फिस्कल डेफिसिट को नियंत्रण में रखने की पॉलिसी अपनाई थी। सरकार ने कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए ये उपाय किए थे। इससे इकोनॉमिक ग्रोथ बढ़ी थी। कोविड के बाद इंडिया सबसे जल्द रिकवरी वाले देशों में शामिल था।
शहरी इलाकों में डिमांड पड़ी है सुस्त
पिछले साल की दूसरी छमाही में शहरी इलाकों में डिमांड में सुस्ती दिखी है। मेट्रो शहरों में लोग खर्च करने में सावधानी बरत रहे हैं। शहरी इलाकों में डिमांड कमजोर पड़ने की कुछ खास वजहें हैं। सरकार का पूंजीगत खर्च घटा है। बैंकों और एनबीएफसी ने अनसेक्योर्ड लोन पर अपना फोकस घटाया है। इससे लिक्विडिटी कम हुई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक शहरी इलाकों में डिमांड फिर से नहीं बढ़ती है तब तक कंजम्प्शन स्टॉक्स में तेजी नहीं आएगी।
सरकार कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए उपाय कर सकती है
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए यूनियन बजट में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। कई ब्रोकरेज फर्मों ने सरकार को इनकम टैक्स के रेट्स में कमी करने की सलाह दी है। उनका कहा है कि इससे लोगों के हाथ में खर्च के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे। अगर सरकार इनकम टैक्स में कमी करती है और स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने का ऐलान यूनियन बजट में करती है तो कंजम्यूमर गुड्स कंपनियों के लिए अच्छा होगा।
कंजम्प्शन की जगह इनकम बढ़ाने पर होना चाहिए फोकस
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बजट में सरकार के कंजम्प्शन बढ़ाने के उपाय करने की काफी उम्मीद है। लेकिन, सरकार को कंजम्प्शन बढ़ाने के उपायों पर फोकस करने की जगह परिवारों की इनकम बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, यह तय है कि कंजम्प्शन बढ़ाने के सरकार के उपायों से एफएमसीजी, ड्यूरेबल्स और कंज्यूमर स्टॉक्स में तेजी आ सकती है।
इन स्टॉक्स की बढ़ सकती है चमक
HUL, Britannia, Godrej Consumer, Dabur और ITC जैसी कंपनियों के शेयरों में निवेश से बजट के बाद अच्छा मुनाफा हो सकता है। बीते एक साल में इन कंपनियों के शेयरों ने निवेशकों को निराश किया है। HUL एफएमसीजी सेक्टर की सबसे बड़ी कंपनी है। इस स्टॉक ने बीते एक साल में 2 फीसदी से ज्यादा निगेटिव रिटर्न दिया है। 23 जनवरी को इसका प्राइस 0.94 फीसदी की गिरावट के साथ 2,320 रुपये था।
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बीते एक साल में आईटीसी के शेयर ने 4 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया है। 23 जनवरी को इस स्टॉक का प्राइस 440 रुपये था। ब्रिटानिया के शेयर ने बीते एक साल में 0.53 का निगेटिव रिटर्न दिया है। Godrej Consumer के शेयरों का एक साल का रिटर्न सिर्फ 1.15 फीसदी रहा है। Dabur के स्टॉक ने एक साल में कोई रिटर्न नहीं दिया है।