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Union Budget 2025: ऑयल मिनिस्ट्री ने एलपीजी सब्सिडी के लिए मांगा 40000 करोड़, क्या गैस सिलेंडर के दाम घटेंगे?

एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल आम लोग करते हैं, जिससे सरकार इसे रियायती दर पर उपलब्ध कराती है। इससे हर साल ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बड़ा नुकसान होता है। कॉस्ट से कम कीमत पर रसोई गैस सिलेंडर बेचने से सिर्फ इंडियन ऑयल (IOC) का नुकसान करीब 9,000 करोड़ रुपये है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 22, 2025 पर 11:32 AM
Union Budget 2025: ऑयल मिनिस्ट्री ने एलपीजी सब्सिडी के लिए मांगा 40000 करोड़, क्या गैस सिलेंडर के दाम घटेंगे?
सरकार ने पिछले साल महिला दिवस के मौके पर एलपीजी सिलेंडर की कीमत प्रति सिलेंडर 100 रुपये कम की थी।

ऑयल मिनिस्ट्री ने सरकार से एलपीजी सब्सिडी के लिए 40,000 करोड़ रुपये मांगे हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ऑयल मिनिस्ट्री को यूनियन बजट 2025 में यह पैसा दे सकती है। सरकारी ऑयल कंपनियां कॉस्ट से कम कीमत पर एलपीजी सिलेंडर कंज्यूमर्स को उपलब्ध कराती हैं। इससे कंपनियों को बड़ा नुकसान होता है। इस नुकसान की भरपाई सरकार करती है। सवाल है कि क्या सरकार ऑयल मिनिस्ट्री की 40,000 करोड़ रुपये की मांग पूरी करती है तो एलपीजी सिलेंडर की कीमत घटेगी?

ऑयल कंपनियां कॉस्ट से कम पर बेचती हैं एलपीजी सिलेंडर

इंडिया में ऑयल कंपनियां रसोई गैस की कीमत तय करने के लिए आजाद नहीं हैं। चूंकि एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल आम लोग करते हैं, जिससे सरकार इसे रियायती दर पर उपलब्ध कराती है। इससे हर साल ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बड़ा नुकसान होता है। फाइनेंशियल ईयर 2022-23 में इन कंपनियों के नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 22,000 करोड़ रुपये दिए थे। मुख्य रूप से तीन सरकारी कंपनियां एलपीजी सिलेंडर सप्लाई करती हैं। इनमें IOC, HPCL और BPCL शामिल हैं।

हर एलपीजी सिलेंडर पर 150-200 रुपये का लॉस

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