Union Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार के बजट में ऐसे ऐलान किए हैं, जिनसे मिडिल क्लास की जेब में कुछ पैसा बचे और CONSUMPTION को बढ़ावा मिले। न्यू रिजीम के तहत 12 लाख रुपये तक की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। साथ ही Financial prudence के तहत वित्तीय घाटे को भी काबू में रखने का एलान किया गया है।
हालांकि सरकार ने कैपेक्स में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं की है। लेकिन शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के लिए एक लाख करोड़ के अर्बन चैलेंज फंड का प्रावधान किया गया। रोजगार को बढ़ाने के लिए लेबर से जुड़ी इंडस्ट्रीज के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। वहीं आर्थिक सुधारों के मोर्चे पर बड़ा ऐलान करते हुए इंश्योरेंस सेक्टर में FDI की लिमिट बढ़ाकर 100% कर दी है। ऐसे में क्या बजट बाजार के दिग्गजों की उम्मीदों पर खरा उतरा है।
बजट पर अपनी राय देते हुए MK वेंचर्स के मधु केला ने कहा कि 12 लाख तक कोई टैक्स नहीं का फैसला बेहतर है। कंजम्पशन को बूस्ट देने के लिए जरूरी था। हालांकि कैपेक्स की रकम अनुमान से थोड़ी कम है। लेकिन कंप्लायंस, रेगुलेशन पर सरकार का पूरा फोकस है। बजट से ईज ऑफ डुईंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बजट को देखते हुए हम अपने पोर्टफोलियो में कंज्यूमर स्टॉक्स को जोड़ेंगे। क्योंकि बजट से कंजम्पशन को बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद है।
मधु केला ने आगे कहा कि FIIs बाजार में लगातार बिकवाली कर रहे है। मौजूदा साल में मार्केट सीमित दायरे में रहेगा। बाजार में पिछले कुछ दिनों से तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिली है। ऐसे में सलाह होगी कि निचले स्तर पर शेयरों में खरीदारी करें।
बैंकिंग सेक्टर पर अपनी राय देते हुए मधु केला ने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में तेजी के कई मौके है। पिछले 2 साल से बैंक-NBFCs में पैसा नहीं बना है। हालांकि कई बैंक-NBFCs के वैल्युएशन आकर्षक है। बैंक-NBFCs में इस साल बेहतर तेजी दिख सकती है।
बजट से बाजार का सेंटिमेंट खास नहीं बदलेगा
Kedia Securities के फाउंडर विजय केडिया का कहना है कि बजट में टैक्स छूट बड़ा रिफॉर्म है। हालांकि टैक्स छूट से बाजार के माहौल में खास फर्क नहीं पड़ेगा । उन्होंने आगे कहा कि इंडेक्स के स्तर पर और गिरावट संभव है। कुछ चुनिंदा शेयरों में तेजी दिख सकती है। बाजार का माहौल फिलहाल सुधरता नहीं दिख रहा है।
विजय केडिया ने आगे कहा कि FMCG के शेयर महंगे नजर आते हैं। तेजी में FMCG की खास भागदारी नहीं रही है। ऑटोमोबिल में EV पोर्टफोलियो में बदलाव नहीं किया है।
उन्होंने आगे कहा कि बजट से बाजार का सेंटिमेंट खास नहीं बदलेगा। कुछ दिन में बाजार में बिकवाली का दबाव दिख सकता है। बाजार के लिहाज से बजट गेमचेंजर साबित नहीं होगा।
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