सरकार को हर नए वित्त वर्ष की अपनी इनकम और खर्च के अनुमान पर संसद की मंजूरी हासिल करनी पड़ती है। इसके लिए सरकार बजट पेश करती है। केंद्र सरकार के बजट को यूनियन बजट कहा जाता है। सरकार हर साल 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश करती है। लेकिन, कुछ स्थितियों में सरकार यूनियन बजट की जगह अंतरिम बजट या वोट ऑन अकाउंट पेश करती है। सवाल है कि बजट और वोट ऑन अकाउंट में क्या फर्क है? आइए इसका जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
