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Union Budget 2025: सरकार क्या प्रॉपर्टी के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर इंडेक्सेशन बेनेफिट दोबारा शुरू करेगी? जानिए अभी कितना लगता है टैक्स

जुलाई 2025 के बजट में ऐलान से पहले प्रॉपर्टी बेचने वाले को पर्चेज प्राइस को इनफ्लेशन के साथ एडजस्ट करने की सुविधा मिलती थी। इससे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर लगने वाला टैक्स कम हो जाता था। एडजस्टेड कैपिटल गेंस पर 20 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता था

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 25, 2024 पर 11:06 AM
Union Budget 2025: सरकार क्या प्रॉपर्टी के लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर इंडेक्सेशन बेनेफिट दोबारा शुरू करेगी? जानिए अभी कितना लगता है टैक्स
सरकार अगर फिर से लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर इंडेक्सेशन बेनेफिट शुरू करती है तो इससे लोगों को काफी राहत मिल सकती है।

एसेट्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस का मसला काफी समय से सुर्खियों में रहा है। 23 जुलाई, 2024 को सरकार ने लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस के नियमों में बड़ा बदलाव किया था। अनलिस्टेंड फाइनेंशियल एसेट्स के होल्डिंग पीरियड को 36 महीने से घटाकर 24 महीने कर दिया गया था। लेकिन, सरकार ने प्रॉपर्टी बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (एलटीसीजी) पर इंडेक्सेशन बेनेफिट खत्म कर दिया था। इससे प्रॉपर्टी बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस पर लगने वाला टैक्स बढ़ गया है। सवाल है कि क्या सरकार बजट 2025 में इंडेक्सेशन बेनेफिट फिर से शुरू करने का ऐलान करेगी?

क्या है इंडेक्सेशन बेनेफिट?

जुलाई 2025 के बजट में ऐलान से पहले प्रॉपर्टी बेचने वाले को पर्चेज प्राइस को इनफ्लेशन के साथ एडजस्ट करने की सुविधा मिलती थी। इससे लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) पर लगने वाला टैक्स कम हो जाता था। एडजस्टेड कैपिटल गेंस पर 20 फीसदी टैक्स चुकाना पड़ता था। लेकिन, जुलाई में सरकार के नियमों में बदलाव के ऐलान के बाद अब इंडेक्सेशन बेनेफिट खत्म हो गया है। अब प्रॉपर्टी बेचने पर पर्चेज प्राइस को इनफ्लेशन के साथ एडजस्ट नहीं किया जा सकता है।

टैक्स रेट में कितना बदलाव आया है?

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