प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने बीते एक दशक में प्राइवेट इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए कई रिफॉर्म्स किए हैं। इनमें बैंकों की बैलेंसशीट की सफाई, कॉर्पोरेट टैक्स के रेट्स में कमी, सरकार के कैपिटल एक्सपेंडिचर में इजाफा और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई जैसी स्कीम शामिल हैं। सालाना 12 लाख तक की इनकम को टैक्स-फ्री किया है और डिमांड बढ़ाने के लिए जीएसटी के रेट्स में कमी की है।
