यूनियन बजट 2026 में सरकार का फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेंटर्स पर रह सकता है। इसकी वजह यह है कि सरकार एआई-ईकोसिस्टम में ग्लोबल इनवेस्टमेंट अट्रैक्ट करना चाहती है। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को यूनियन बजट पेश कर सकती हैं। यह उनका 9वां यूनियन बजट होगा।
गूगल ने 15 अरब डॉलर निवेश का ऐलान किया है
सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने मनीकंट्रोल को बताया, "इनवेस्टर्स के लिए इंडिया में काफी ज्यादा मौके हैं। हमने देखा है कि गूगल ने 2025 में आंध्र प्रदेश में एआई हब (डेटा सेंटर और फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क) पर 15 अरब डॉलर के निवेश का ऐलान किया है।" उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले सालों में इसी तरह का इनवेस्टमेंट अट्रैक्ट करना चाहती है। यूनियन बजट 2026 में इसके लिए पॉलिसी का ऐलान हो सकता है, जिससे ग्लोबल टेक कंपनियां इंडिया में एआई स्टैक बनाने के लिए प्रोत्साहित होंगी।
इंडस्ट्री कुछ डेवलपर्स के लिए टैक्स छूट चाहती है
सूत्रों ने बताया कि इंडस्ट्री ने कुछ डेटा सेंटर डेवलपर्स के लिए टैक्स से छूट की मांग की है। इसके लिए कुछ शर्तें तय की जा सकती हैं। टैक्स हॉलीडे के लिए कपैसिटी की लिमिट, एंप्लॉयमेंट और ग्रीन एनर्जी के टारगेट्स तय किए जा सकते हैं। इंडस्ट्री क्रिटिकल इंपोर्टेड इक्विपमेंट पर कस्टम ड्यूटी से छूट की भी मांग कर रही है। यह छूट शुरुआती 5-10 सालों के लिए दी जा सकती है। इंडस्ट्री डेटा सेंटर के लिए कैपिटल एसेट्स की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट रिफंड्स भी चाहती है।
सरकार ने पिछले साल एआई मिशन की शुरुआत की थी
एमेजॉन और माइक्रोसॉफ्ट ने दिसंबर में इंडिया में क्लाउड और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर पर 50 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश का ऐलान किया था। इंटेल ने टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर चिप बनाने का ऐलान किया है। इससे चिप्स की घरेलू डिमांड पूरी करने में मदद मिलेगी। सरकार ने मार्च 2024 में 10,372 करोड़ रुपये के एआई मिशन की शुरुआत की थी। सरकार का मकसद एक व्यापक ईकोसिस्टम डेवलप करना है। इससे इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। स्टार्टअप्स को मदद मिलेगी। साथ ही आम लोगों के फायदे के लिए एआई का इस्तेमाल होगा।
यूनियन बजट में आ सकती है पॉलिसी गाइडलाइंस
सरकार ने दिसंबर में एक व्हाइट पेपर रिलीज किया था। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के आसान एक्सेस के लिए पॉलिसी विजन शामिल था। डेलॉयट के मुताबिक, सरकार यूनियन बजट में पॉलिसी गाइडलाइंस पर विचार कर सकती है। इसमें जीपीयू एक्वायर वाली कंपनियों के लिए प्रोक्योरमेंट के लिए समय तय किया जा सकता है।