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Union Budget 2026: जीएसटी के तहत आएंगे पेट्रोल और डीजल, बजट के बाद कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट

अभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर कई तरह के टैक्स लगते हैं। इनमें एक्साइज ड्यूटी और वैट शामिल हैं। देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फर्क की वजह वैट है। हर राज्य में वैट के रेट अलग-अलग हैं। जीएसटी की व्यवस्था लागू होने के बाद वैट खत्म हो जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 30, 2026 पर 7:58 PM
Union Budget 2026: जीएसटी के तहत आएंगे पेट्रोल और डीजल, बजट के बाद कीमतों में आएगी बड़ी गिरावट
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। वह पेट्रोल और डीजल को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के तहत लाने का ऐलान कर सकती हैं।

यूनियन बजट 2026 से आम आदमी को बहुत उम्मीदें हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को बजट पेश करेंगी। वह पेट्रोल और डीजल को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के तहत लाने का ऐलान कर सकती हैं। काफी समय से पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के तहत लाने की मांग हो रही है। पेट्रोल और डीजल के जीएसट के तहत आने से आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी। अभी पेट्रोल की कीमत अलग अलग शहरों में करीब 95 रुपये से लेकर 105 रुपये के बीच है। डीजल की कीमतें 88 रुपये से लेकर 96 रुपये के बीच है।

अभी पेट्रोल और डीजल पर कई तरह के टैक्स

अभी पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर कई तरह के टैक्स लगते हैं। इनमें एक्साइज ड्यूटी और वैट शामिल हैं। देश के अलग-अलग शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फर्क की वजह वैट है। हर राज्य में वैट के रेट अलग-अलग हैं। जीएसटी की व्यवस्था लागू होने के बाद वैट खत्म हो जाएगा। लेकिन, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स सहित कुछ चीजों को अभी जीएसटी के तहत नहीं लाया गया है। इस वजह से इन पर वैट लगता है।

अलग-अलग शहरों में कीमतों के बीच फर्क खत्म होगा

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