Budget 2026 for Women: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज बतौर वित्त मंत्री अपना 9वां बजट पेश किया। अपने बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का फोकस "युवा शक्ति-संचालित" बजट पर होगा, जो "तीन कर्तव्यों" से प्रेरित है। इसका मकसद गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों को सपोर्ट देना है। उन्होंने अपने महिलाओं और युवा-शक्ति को बजट के केंद्र में रखते हुए ज्यादातर प्रस्ताव पेश किए। उन्होंने यह भी कहा कि बजट 2026 'युवा शक्ति' पर आधारित है। उन्होंने बताया कि बजट 2026 तीन "कर्तव्यों" पर आधारित है, जो इस प्रकार हैं :
ये तीन-तरफा दृष्टिकोण और एक सहायक इकोसिस्टम के माध्यम से हासिल किए जाएंगे। इसमें शामिल होंगे:
आज बजट 2026 में महिलाओं को क्या मिला
बजट में महिलाओं को ध्यान में रखते हुए जो प्रमुख घोषणाएं की गईं, उनमें भारत के हर जिले में लड़कियों के हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। हॉस्टल की सुविधा सुनिश्चित करने की देशव्यापी योजना है। वित्त मंत्री ने कहा कि "वीजीएफ (वायबिलिटी गैप फंडिंग) और कैपिटल सपोर्ट के जरिए, हर ज़िले में एक लड़कियों का हॉस्टल बनाया जाएगा।" इसका मकसद छात्राओं के लिए समान रूप से शैक्षिक अवसर बढ़ाना और सुरक्षित रहने की जगह देना है। पूरे भारत में, खासकर ग्रामीण इलाकों में, निरंतर कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, जैसे कि किशोर लड़कियों के बीच में स्कूल छोड़ने की दर। हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने का मकसद शिक्षा के रास्ते में आने वाली उनकी इस अड़चन को दूर करना है। यह कदम खासतौर पर उन जिलों पर फोकस करेगा जहां दूरी, सुरक्षा की चिंता और पैसे की कमी पढ़ाई जारी रखने में रुकावट बनती हैं।
इसके अलावा महिला उद्यमिता को सपोर्ट करने के लिए सेल्फ-हेल्प एंटरप्रेन्योर (SHE) मार्ट्स स्थापित किए जाएंगे। यह महिला उद्यमियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया कदम है। यह मार्ट महिला उद्यमिता का समर्थन करेंगे। निर्मला सीतारमण ने कहा, "शी मार्ट महिला उद्यमियों की मदद के लिए कम्युनिटी के मालिकाना हक वाले रिटेल आउटलेट के तौर पर स्थापित किए जाएंगे," उन्होंने इन प्लेटफॉर्म को चलाने और प्रबंधन करने में स्थानीय समूह की भूमिका पर जोर दिया।