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केंद्र ने 29 PLI प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, ₹700 करोड़ से बनेगा देश का पहला 'रेयर अर्थ मैग्नेट' प्लांट; इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग

Ashwini Vaishnaw: केन्द्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस दौरान घरेलू उत्पादन को लेकर सरकार के भविष्य के लक्ष्य भी साझा किए। उन्होंने बताया कि, भारत का लक्ष्य लिथियम-आयन बैटरी में 61% तक स्थानीयकरण हासिल करना है। इसके साथ ही प्रिंटेड सर्किट बोर्ड यानी PCB के मामले में 50% आत्मनिर्भरता का लक्ष्य रखा गया है

Abhishek Guptaअपडेटेड Mar 30, 2026 पर 3:14 PM
केंद्र ने 29 PLI प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, ₹700 करोड़ से बनेगा देश का पहला 'रेयर अर्थ मैग्नेट' प्लांट; इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भारत की बड़ी छलांग
इन 29 प्रोजेक्ट्स के जरिए सरकार का लक्ष्य बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन और नौकरियां पैदा करना है

PLI Projects: भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने 30 मार्च को एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (ECMS) के तहत 7,104 करोड़ रुपये के 29 प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दे दी है। इस घोषणा की सबसे बड़ी बात भारत का अपना पहला 'रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट' प्लांट है, जो पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित होगा।

रेयर अर्थ मैग्नेट क्षेत्र में चीन के दबदबे को चुनौती

आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस प्रोजेक्ट को भारत के लिए एक बड़ी सफलता बताया है। इस मैग्नेट यूनिट में इस्तेमाल होने वाली पूरी तकनीक और बौद्धिक संपदा (IP) भारतीय है। ₹700 करोड़ के निवेश वाला यह प्लांट खनिज शोधन से लेकर मैग्नेट बनाने तक की पूरी वैल्यू चेन को भारत में ही स्थापित करेगा। वर्तमान में रेयर अर्थ मैग्नेट की वैश्विक सप्लाई पर कुछ ही देशों का कब्जा है। इस प्लांट के शुरू होने से भारत अपनी घरेलू मांग का 25% हिस्सा खुद पूरा कर सकेगा।

16 प्रोडक्ट सेगमेंट और 8 राज्यों में विस्तार

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