भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की मीटिंग आज, 6 अप्रैल से शुरू हो रही है। इस मीटिंग में रेपो रेट समेत प्रमुख पॉलिसी रेट्स के जस का तस रहने का अनुमान है। इसके पीछे वजह है पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई। इस लड़ाई के कारण कच्चे तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे महंगाई बढ़ने का डर है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि ऐसे में RBI अप्रैल की मीटिंग में रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रख सकता है।
पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कमोडिटी की कीमतों में अस्थिरता और रुपये के तेज उतार-चढ़ाव ने पॉलिसी आउटलुक को जटिल बना दिया है। ऐसे में ग्रोथ रेट, महंगाई पर आरबीआई के अनुमान और नीतिगत रुख पर गहरी नजर रहेगी। RBI की MPC हर दो महीने पर यह रिव्यू मीटिंग करती है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर का कहना है, ‘‘कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के चलते अनिश्चितता है। इसे देखते हुए, RBI अप्रैल की नीति में यथास्थिति बनाए रख सकता है। साथ ही कोई भी अगला कदम उठाने से पहले महंगाई के आंकड़ों पर विचार कर सकता है।’’
SBI के मुख्य अर्थशास्त्री सौम्य कांति घोष के मुताबिक, दरों को स्थिर रखने की घोषणा करते समय RBI अपनी टिप्पणी में काफी सावधानी बरतेगा। उन्होंने कहा, ‘‘भारत मौजूदा पश्चिम एशिया संकट से अछूता नहीं है। रुपया पहले ही 93 प्रति डॉलर के ऊपर बना हुआ है और कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर है, जिससे महंगाई बढ़ी है।’’ घोष ने यह भी कहा कि अनुमानित सुपर अल नीनो भी महंगाई पर दबाव डालेगा।
क्रिसिल की प्रिंसिपल इकोनॉमिस्ट दीप्ति देशपांडे का कहना है कि अगर महंगाई MPC के लक्ष्य के करीब रहती है, तो मौद्रिक नीति में इस झटके को नजरअंदाज करके दरों को स्थिर रखा जा सकता है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस के मुताबिक, ‘‘हमें इस बार रेपो रेट या रुख में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है। लहजा सतर्क रहेगा और RBI के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) और महंगाई के पूर्वानुमानों का बेसब्री से इंतजार रहेगा।’’
फरवरी 2025 से अब तक 1.25 प्रतिशत घट चुकी है रेपो
RBI ने फरवरी 2025 से अब तक रेपो रेट में 1.25 प्रतिशत की कमी की है। हालांकि, बैंक ने अगस्त, अक्टूबर 2025 और फरवरी 2026 की मीटिंग में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। MPC की अप्रैल की रिव्यू मीटिंग के नतीजे बुधवार, 8 अप्रैल को सामने आएंगे।